
नेशनल जंबूरी के आयोजन को लेकर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री को घेरा…
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इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर।
उमेश पटेल के सवाल उठाया कि डाउनग्रेड को स्काउट गाइड परिषद के नियमों के तहत किया गया।
छत्तीसगढ़ के नियम से जेम पोर्टल के माध्यम से करने के लिए डीपीआई ने कलेक्टर बालोद को निर्देश दिया।
स्काउट गाइड परिषद का अध्यक्ष तब कौन था? के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पदेन शिक्षा मंत्री ही अध्यक्ष होगा! किसी शिकायत या किसी सांसद के कहने पर निविदा भंग नहीं किया गया।
भूपेश बघेल ने कहा उमेश ने आरोप लगाया कि बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के काम शुरू करा दिए गए हैं, जिससे भ्रष्टाचार की मिलीभगत स्पष्ट हो रही है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या इस पूरे मामले की सदन की किसी समिति से जांच कराई जाएगी और इसके लिए कब घोषणा की जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन वास्तव में भारत स्काउट्स के राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा संचालित था, न कि राज्य अध्यक्ष या राज्य सरकार द्वारा। राष्ट्रीय मुख्यालय ने अपने Service Rangers के माध्यम से मैपिंग, व्यवस्था, रख-रखाव व परीक्षण जैसे सभी आयोजन-संबंधी कार्य स्वयं संपन्न किए। राज्य सरकार का कार्य केवल मुख्य मंच का निर्माण, अतिथियों का सत्कार, डोम (गोतिया) निर्माण एवं भोजन व्यवस्था तक सीमित था, जिसे नियत समय में पूरा कर लिया गया। चूंकि जे-पोर्टल पर कोई टेंडर प्रक्रिया ही नहीं थी, इसलिए इस मामले में भ्रष्टाचार का कोई आधार नहीं बनता। मंत्री ने सुझाव दिया कि इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए श्री डोमा लाल से तथ्यात्मक विवरण लिया जाए।
