Saturday, January 24, 2026
news update
Health

विटामिन-B12 की कमी? इन 5 नेचुरल तरीकों से बढ़ाएं स्तर, बिना सप्लीमेंट के

नई दिल्ली

सेहतमंद रहने के लिए शरीर में सभी पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है। यह पोषक तत्व शरीर को हेल्दी और दुरुस्त बनाने में मदद करते हैं। विटामिन-बी12 इन्हीं में से एक है, जो शरीर में कई सारे फंक्शन करता है। यह डीएनए सिंथसिस, रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन और नर्वस सिस्टम के काम को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसे में शरीर के अंदर इसकी कमी कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है।

इसलिए यह जरूरी है कि समय रहते इसकी कमी की पहचान की जाए और इसे पूरा करने के लिए सही डाइट फॉलो करे। अक्सर नॉनवेज फूड्स को इसका अच्छा सोर्स माना जाता है और कई लोग इसकी कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स की मदद लेते हैं। अगर आप भी इसकी कमी से जूझ रहे हैं, तो आप बिना सप्लीमेंट्स भी इसकी कमी दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बिना सप्लीमेंट्स दूर करें इसकी कमी-

प्रोबायोटिक दही होगा मददगार
बिना सप्लीमेंट विटामिन-बी12 बढ़ाने के लिए आप प्रोबायोटिक दही डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए आप लैक्टोबैसिलस स्ट्रेन वाला दही चुनें। इसमें मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया नेचुरली विटामिन B12 के प्रोडक्शन और गट हेल्थ को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।

फर्मेंटेड इंडियन फूड खाएं
अगर आप वेजिटेरियन हैं और इस विटामिन की कमी को दूर करना चाहते हैं, तो फर्मेंटेड इंडियन फूड्स आपकी मदद कर सकते हैं। इडली, डोसा, ढोकला और घर का बना दही गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं, जिससे विटामिन B12 का अब्जॉर्प्शन आसान हो जाता है।

डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें
विटामिन-बी12 की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर और चीज को शामिल करें। ये फूड्स आइटम्स नेचुरली विटामिन B12 से भरपूर होते हैं। इसलिए बेहतर नतीजों के लिए रोजाना इसे डाइट में शामिल करें।

फोर्टिफाइड फूड्स
आप शरीर में विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड अनाज, सोया या बादाम का दूध आदि शामिल कर सकते हैं, जो इस विटामिन का बेहतरीन सोर्स होते हैं।

गट हेल्थ बेहतर बनाएं
विटामिन-बी12 के अब्जॉर्प्शन के लिए गट हेल्थ का हेल्दी रहना बेहद जरूरी है। इसलिए आप अपनी गट हेल्थ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। हेल्दी गट विटामिन B12 का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए फाइबर खाएं, जंक फूड से बचें, छाछ पिएं और रात में त्रिफला का सेवन करें।

 

error: Content is protected !!