केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- वक्फ संपत्तियों के सही रखरखाव और जवाबदेही तय करने की जरूरत है
नई दिल्ली
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है। उन्होंने कहा कि इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक नियमों का पालन करके आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के सही रखरखाव और जवाबदेही तय करने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 70 साल तक किसने मुस्लिम समुदाय को डर में रखा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक इस नीति को अपनाया, लेकिन अब जनता ने इसका परिणाम देख लिया है।
जेपी नड्डा ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत पहले ही इसे खत्म करने की बात कही थी, फिर भी कांग्रेस सरकार ने इसे जारी रखने की मजबूरी क्यों महसूस की? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकारों से वंचित रखा और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाए रखा। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम बहनों को मुख्यधारा में लाने का काम किया।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने इराक, सीरिया और अन्य मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तीन तलाक पहले ही समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मुस्लिम महिलाओं को समानता से वंचित रखा और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम देशों ने इसमें सुधार किए हैं। उदाहरण के लिए, तुर्की ने 1924 में ही अपनी पूरी वक्फ संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में ले लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 70 वर्षों के शासन में किस तरह विकास अवरुद्ध रहा, यह सभी ने देखा है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य वक्फ कानून को नियमों के दायरे में लाना है। उन्होंने बताया कि 2013 के संशोधन का समर्थन करने के बावजूद उसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वक्फ से जुड़े मामलों को नागरिक सिविल कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी जा सकती।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से कहा कि आपने (विपक्ष) संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग की थी और हमने इसका गठन किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में जब वक्फ विधेयक के लिए जेपीसी का गठन किया गया था, तब इसमें केवल 13 सदस्य थे, लेकिन मोदी सरकार के तहत गठित जेपीसी में 31 सदस्य शामिल हुए। जेपीसी ने 36 बैठकें कीं और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस पर 200 घंटे से अधिक समय काम किया।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से हमने कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम समुदाय का वक्फ की प्रॉपर्टी का सही से उपयोग हो सके। इस विधेयक में तय किया गया है कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रॉपर्टी सही हाथों में रहे।