Friday, January 23, 2026
news update
National News

केंद्र ने बढ़ाई फ‍िटनेस फीस, पुराने वाहनों के लिए 10 गुना तक का झटका

नई दिल्ली

अगर आप भी अपनी कार या कमर्श‍ियल व्‍हीकल का रज‍िस्‍ट्रेशन 10 या 15 साल के बाद एक्‍सटेंड कराने का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, केंद्र सरकार की तरफ से व्‍हीकल फ‍िटनेस टेस्‍ट की फीस में बड़ा बदलाव किया गया है. इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पुराने व्‍हीकल के लिए फीस को 10 गुना तक बढ़ा दिया गया है. नए नियमों के तहत 10, 15 और 20 साल से ज्‍यादा पुराने व्‍हीकल पर अलग-अलग चार्ज ल‍िया जाएगा. केंद्र सरकार ने 18 अक्‍टूबर को सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल में संशोधन करते हुए व्‍हीकल फिटनेस टेस्ट फीस में बड़ा इजाफा कर द‍िया है. कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी 10 गुना तक हो गई है.

पूरी तरह बदल जाएगा फ्लैट-रेट स्ट्रक्चर

नया फीस स्ट्रक्चर देशभर में तुरंत लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम पुराने और असुरक्षित वाहनों को सड़कों से हटाने और स्क्रैपेज पॉल‍िसी को मजबूत करने के लिए जरूरी था. पहले 15 साल से ज्‍यादा पुराने व्‍हीकल पर एक्‍स्‍ट्रा फीस लगती थी, लेक‍िन अब इसकी तीन नई कैटेगरी बना दी गई हैं. इनमें पहली कैटेगरी 10 से 15 साल, दूसरी 15 से 20 साल और तीसरी 20 साल से ज्‍यादा वाली है. हर कैटेगरी के ह‍िसाब से फीस बढ़ती चली जाएगी. नया मॉडल पहले के फ्लैट-रेट स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल देगा.

सबसे ज्‍यादा फीस किस तरह के व्‍हीकल पर?
व्‍हीकल का रज‍िस्‍ट्रेशन र‍िन्‍यू कराने पर अब पहले के मुकाबले ज्‍यादा चार्ज देना होगा. सबसे ज्यादा झटका हेवी कमर्श‍ियल व्‍हीकल को लगा है. 20 साल से ज्‍यादा पुराने ट्रक या बस का रज‍िस्‍ट्रेशन र‍िन्‍यू कराने के लि‍ए अब 25,000 रुपये देने होंगे. पहले यह चार्ज महज 2,500 रुपये था. 20 साल से ज्‍यादा पुराने मीडियम कमर्शियल व्हीकल को पहले के 1800 रुपये की बजाय 20,000 रुपये देने होंगे. यह बढ़ोतरी 10 गुने से भी ज्‍यादा है, ज‍िससे पुराने कमर्शियल व्‍हीकल को चलाना काफी महंगा हो जाएगा.

सरकार की तरफ से साफ कहा गया क‍ि सड़कों से पुरानी और खतरनाक गाड़‍ियां जल्दी हटनी चाहिए. इसको ध्‍यान में रखते हुए फिटनेस फीस को इतना महंगा कर द‍िया गया है क‍ि पुरानी गाड़ी रखना घाटे का सौदा हो जाएगा. लोगों को मजबूरन नई, सुरक्षित और कम प्रदूषण वाली गाड़ी लेनी पड़ेगी या पुरानी को स्क्रैप करना होगा. सरकार की तरफ से यह कदम नेशनल व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को आगे बढ़ाने के लि‍ए उठाया गया है.  

error: Content is protected !!