गीता पाठ से पहले जानें शुभ दिशा, मिलेंगे दोगुने फल
गीता-पाठ सदैव धर्म, ज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला शुभ कर्म माना गया है। श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया यह दिव्य उपदेश आज भी जीवन की हर उलझन का समाधान देता है। वास्तु-शास्त्र के अनुसार यदि गीता का पाठ सही दिशा, सही आसन और सही वातावरण में किया जाए, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। मन, घर और ऊर्जा तीनों पवित्र और सकारात्मक हो जाते हैं। गीता-पाठ के लिए सर्वोत्तम दिशा पूर्व दिशा है। वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा को “ज्ञान, प्रकाश और दिव्यता” की
Read More