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Madhya Pradesh

MSME और स्टार्टअप्स के लिए मध्य प्रदेश बनी निवेशकों की पहली पसंद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आत्मनिर्भरता को मिला आधार राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25

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मध्यप्रदेश में विनिर्माण इकाइयों की संख्या 4 लाख 26 हजार पहुंची

विशेष समाचार विनिर्माण इकाइयों की संख्या 4 लाख 26 हजार पहुंची महिला नेतृत्व के स्टार्टअप 47 प्रतिशत तक बढ़े Read moreमहाकाल मंदिर में भक्त की जेब से 11 हजार रुपये चोरी, सीसीटीवी में नजर आए चार बदमाशएमएसएमई सेक्टर जीडीपी में दे रहा 30% का योगदान भोपाल मध्यप्रदेश में निवेश मित्र नीतियों और उद्योग समर्थित प्रावधानों के परिणाम स्वरूप पिछले तीन वर्षों में विनिर्माण इकाइयों की संख्या बढ़कर 4,26,230 तक पहुंच गई है। वर्ष 2022-23 में 67332 विनिर्माण एमएसएमई पंजीकृत हुई थी 2023-24 में 89,317 और 2024-25 में 1,13,696 हुई। Read

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मध्यप्रदेश में एमएसएमई की संख्या 20 लाख के पार, मार्च 2026 तक 25 लाख का लक्ष्य: मंत्री काश्यप

मध्यप्रदेश में एमएसएमई की संख्या 20 लाख के पार : मंत्री  काश्यप देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल हुआ मध्यप्रदेश मार्च 26 तक 25 लाख एमएसएमई के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य भोपाल  Read moreमहाकाल मंदिर में भक्त की जेब से 11 हजार रुपये चोरी, सीसीटीवी में नजर आए चार बदमाशएमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के पंजीयन (MSME) के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। भारत सरकार के उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर

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मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति

मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 अनुमोदित नगरीय निकायों में “गीता भवन” स्थापना योजना स्वीकृत मुरैना जिले में कैलारस कारखाना को MSME विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  Read moreमहाकाल मंदिर में भक्त की जेब से 11 हजार रुपये चोरी, सीसीटीवी

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Madhya Pradesh

मुख्यमंत्री के युवाओं को रोजगार संपन्न बनाने की घोषणा पर अमल

विशेष समाचार मुख्यमंत्री के युवाओं को रोजगार संपन्न बनाने की घोषणा पर अमल एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहित कर उपलब्ध कराई जा रही है सहायता : मंत्री  काश्यप Read moreमहाकाल मंदिर में भक्त की जेब से 11 हजार रुपये चोरी, सीसीटीवी में नजर आए चार बदमाश18 लाख एमएसएमई इकाइयों में 56 हजार करोड़ का निवेश, 94 लाख से अधिक लोगों को मिला रोजगार भोपाल  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश में रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिये राज्य शासन द्वारा

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Madhya Pradesh

एमएसएमई को उद्योग जगत से जोड़ने की पहल

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की रैंप योजना एवं मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के नेतृत्व में 3 से 5 जुलाई 2025 तक सूरत के विख्यात टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्लस्टर में मध्यप्रदेश के 22 एमएसएमई उद्यमियों का एक्सपोज़र विजिट जारी है। लघु उद्योग निगम इस विजिट की नोडल एजेंसी है। इस एक्सपोज़र विजिट में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, मंदसौर, धार, गुना आदि से चयनित एमएसएमई इकाइयों ने भाग लिया। इनका चयन पूर्व निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर किया

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National News

MSME बना भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ हैं। वे सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं और जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने एमएसएमई दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक सुदृढ़ एमएसएमई इकोसिस्टम देश के सतत आर्थिक विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आवश्यक भी है। ये उद्यम पूंजी की अपेक्षाकृत कम लागत पर अधिक रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह

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Madhya Pradesh

विकसित मध्यप्रदेश और आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ एमएसएमई: सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) न केवल भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं। वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 27 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस’ घोषित किया गया था। इसका उद्देश्य सतत विकास के लक्ष्यों में एमएसएमई के योगदान के प्रति जागरुकता बढ़ाई जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा लक्ष्य एमएसएमई के माध्यम से प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को स्वरोजगार अथवा

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Breaking NewsBusiness

बदल गई MSME की परिभाषा, 1 अप्रैल से लागू होंगे बिज़नेस के नए नियम

नई दिल्ली  अगर आप कोई छोटा कारोबार शुरू करने जा रहे हैं तो MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) से जुड़े नए नियम जरूर जान लें। सरकार ने MSME की परिभाषा बदल दी है। अब निवेश और टर्नओवर के आधार पर तय किया जाएगा कि कौन सा बिजनेस माइक्रो की कैटेगरी में आएगा और कौन सा स्मॉल व मीडियम की कैटेगरी में। ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए बजट में एमएसएमई के नए नियम के बारे में घोषणा की थी।

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Madhya Pradesh

बेरोजगारी कम करने में एमएसएमई की बड़ी भूमिका

बेरोजगारी कम करने में एमएसएमई की बड़ी भूमिका MSME की 14 लाख 39 हजार इकाईयां प्रदेश में पंजीबद्ध MSME से 75 लाख से अधिक व्यक्तियों को मिला रोजगार, 48 हजार 710 करोड़ का हुआ निवेश Read moreमहाकाल मंदिर में भक्त की जेब से 11 हजार रुपये चोरी, सीसीटीवी में नजर आए चार बदमाशभोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा में विभागीय योजनाओं के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन पर संतोष जताया है। विगत दिनों हुई समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में दर्ज 14

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एमएसएमई ऊर्जा दक्षता उपाय अपनाकर खर्च में 37 करोड़ रुपये तक की कर सकते हैं कटौती, रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 31%, निर्यात में लगभग 50% और विनिर्माण क्षेत्रों में सभी रोजगार में 57% का योगदान करते हैं। ये अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं लेकिन अत्यधिक ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन भी करते हैं। एमएसएमई ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि के प्रति भी संवेदनशील हैं और उनकी कुल विनिर्माण लागत में ऊर्जा की लागत काफी अधिक है। अब एक अध्ययन में सामने आया है कि यदि ये एमएसएमई अनुशंसित ऊर्जा दक्षता (ईई) उपायों पर काम

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