Friday, January 23, 2026
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ग्रेटर भोपाल की तैयारी: अहमदाबाद की तर्ज पर 10,000 वर्ग किमी में फैलेंगे विकास कार्य, 1756 गांव होंगे शहर में शामिल

 भोपाल  नए साल में भोपाल सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक विशाल महानगर (मेट्रोपॉलिटन रीजन) के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएगा। गुजरात के अहमदाबाद की सेप्ट (सीईपीटी) यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक ऐसा सुपर मैप तैयार किया जा रहा है, जो भोपाल के साथ सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ की सीमाओं को एक सूत्र में पिरो देगा। भोपाल की धड़कन इन जिलों में एक साथ सुनाई देगी अब भोपाल की धड़कन सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ में एक साथ सुनाई देगी। मेट्रोपालिटन अथॉरिटी ने हर शहर को उसकी ताकत

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मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होंगे 6 जिले और 12 नगरीय क्षेत्र, मध्यभारत को मिलेगा नया आर्थिक केंद्र

भोपाल  भोपाल शहर को मेट्रोपॉलिटन रीजन (बीएमआर) में बदलने की तस्वीर साफ होते ही अब विकास को गति मिलेगी। एक ओर आर्थिक विकास तो दूसरी ओर करीब 10 लाख रोजगार पैदा होंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दिन बीएमआर का मैप जारी किया। इसमें साफ हो गया कि करीब 12,099 वर्ग किमी में फैले बीएमआर में 6 जिलों के कुछ हिस्से शामिल होंगे। इनमें 12 नगरीय क्षेत्र, 30 तहसील व 2524 गांव शामिल होंगे। इसमें 15 बड़े औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल किए गए

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मध्यप्रदेश में 5 जिलों को मिलाकर तैयार होगा मेट्रोपॉलिटन रीजन, विकास योजना पर काम शुरू

भोपाल  मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाता 200 करोड़ रुपए से खुलेगा। भोपाल और आसपास के पांच जिलों को मिलाकर प्राधिकरण तय किया जा रहा है। रीजन के तहत करीब 10 हजार करोड़ रुपए के काम प्रस्तावित है। इसमें संबंधित जिलों के मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल क्षेत्रों तक एप्रोच तैयार करने से लेकर पब्लिक यूटिलिटी विकसित करने सहित अन्य काम पूरे किए जाएंगे। गौरतलब है कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग भोपाल विकास योजना से तैयार कराई जा रही है। शासन स्तर से इस पर प्राधिकरण को मार्ग दर्शन दिया जा रहा

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हाउसिंग बोर्ड, T&CP और PWD मेट्रोपॉलिटन रीजन का जिमा संभालेंगे, टाउन एंड कंट्री के प्लानर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ही नहीं कराया जाएगा। बीडीए की वित्तीय और तकनीकी तौर पर बदहाल स्थिति को देखते हुए अब टीएंडसीपी, हाउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी को भी इसमें काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग टीएंडसीपी की सुनीता सिंह के निर्देशन में होगी। जन-उपयोगी भवन व अन्य निर्माण के लिए हाउसिंग बोर्ड काम करेगा, जबकि क्षेत्रों के आपसी जुड़ाव को बेहतर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को प्लानिंग बनाने के लिए कहा गया है।  गौरतलब

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