सुप्रीम कोर्ट या राष्ट्रपति? सैन्य बल तैनाती पर बड़ी बहस शुरू
नई दिल्ली राज्यपालों और राष्ट्रपति की ओर से किसी विधानसभा से पारित बिल पर लंबे समय तक निर्णय न लेने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में एक आदेश दिया था। बेंच ने विधेयकों पर फैसले के लिए 90 दिन की लिमिट तय कर दी थी, जिस पर राष्ट्रपति ने अदालत में रेफरेंस दाखिल किया है। उन्होंने पूछा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए टाइमलाइन तय की जा सकती है। इसी पर 5 दिन सुनवाई चल चुकी है और आज फिर से दिलचस्प
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