MP में साउथ सिनेमा का कमाल, 3 साल में 200+ प्रोजेक्ट शूट, ‘अखंडा’ और ‘पेन्नियन सेल्वन’ भी यहीं
भोपाल बदलते दौर में सिनेमा में कई बदलाव आए हैं। न केवल फिल्मों की समय अवधि कम हुई है, बल्कि बड़ी स्क्रीन से निकलकर सिनेमा ओटीटी (OTT) के रूप में दर्शकों के पास पहुंच गया है। फिल्मों की करिश्माई दुनिया के बजाय दर्शकों ने असल जिंदगी को चुना और पसंद किया। इन सबके बीच सिनेमा फिर भी एक चीज तलाश करता रहा, वह है वास्तविक सेट। फिल्म निर्माता-निर्देशकों की यह तलाश खत्म हुई मध्य प्रदेश में। यहां के नदी, पहाड़, जंगल, ऐतिहासिक स्थल और खासतौर पर सिनेमा फ्रेंडली लोग, सिनेमा
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