फाइटर जेट को मिलेगा देसी दिल! साफरान के साथ स्वदेशी इंजन प्रोजेक्ट क्यों है गेमचेंजर?

नई दिल्ली भारत हमेशा से अपने फाइटर जेट इंजन को स्वदेशी बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि अमेरिका या अन्य देशों पर निर्भरता खत्म हो. हाल ही में फ्रांस की कंपनी साफरान (Safran) के साथ 120 kN थ्रस्ट वाले इंजन के विकास का समझौता हुआ है, जो एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए

ब्रह्मोस की तरह भारत का अपना भी होता 5th जेन फाइटर जेट, नहीं पड़ती राफेल की जरूरत

नई दिल्ली लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रहा भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने को मंजूरी दे चुका है. लेकिन, ये विमान भारतीय वायु सेना को 2035 से पहले नहीं मिल पाएंगे. प्रोडक्शन शुरू करने से पहले विमान को अभी डिजाइन, विकास और परीक्षण की एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा, जो एक

नया देसी मल्टीरोल सुपरसोनिक मीडियम वेट फाइटर जेट DRDO बना रहा, 2026 में पहली उड़ान

नई दिल्ली LCA MK-2 यानी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 2 को लेकर हाल ही में डीआरडीओ प्रमुख, भारतीय वायुसेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ, डीआरडीओ लेबोरेटरी, डिफेंस पीएसयू, CEMILAC, NFTC के अधिकारियों की मीटिंग हुई. यह एक उच्च स्तरीय रिव्यू मीटिंग थी. जिसमें एलसीए के डेवलपमेंट पर बातचीत की गई. आपको जानकर हैरानी होगी कि

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