भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वाली कहावत काफी पुरानी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस पर काफी बल देते हैं। यह एक जानी-मानी बात है कि यदि दिमाग में कोई परेशानी हो तो थोड़े समय बाद इसका प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हम जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। शरीर में होने वाली पीड़ा, मांसपेशियों का दर्द आदि बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हम जैसा सोचते हैं हमारा शरीर उसी के अनुकूल बनता है। हम जैसा महसूस करते
Read More