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Madhya Pradesh

शत-प्रतिशत हो जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन : आयुक्त विकास मिश्रा

भोपाल  मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टर एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं। “मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नियम-2008”के तहत राज्य में किसी भी विधि या परंपरा से संपन्न हुए सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से सभी विवाह पंजीकृत न हो पाने से विशेषकर महिलाओं को पति की मृत्यु या अन्य कानूनी परिस्थितियों में प्रमाण और अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को दूर करने

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Madhya Pradesh

अस्पताल की लापरवाही से गई जान? बाथरूम में युवती ने दिया बच्चे को जन्म, फर्श पर गिरते ही मौत

छिंदवाड़ा  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरई में घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा से तड़पती एक युवती को नर्स ने बार-बार टाल दिया। परिजन मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन नर्स ‘अभी समय है’ कहकर खुद सोने चली गई। इस बीच दर्द से कराहती युवती को पेशाब का अहसास हुआ तो उसकी सास उसे बाथरूम ले गई। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात सीधे फर्श पर गिरा और दम तोड़ दिया। जिस घर में खुशियां आने वाली थीं, वहां मातम पसर

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RaipurState News

सरगुजा में एक प्रसूता ने 3 बच्चों को जन्म दिया, महिला ने दो अलग-अलग अस्पतालों में इन बच्चों को जन्म दिया

अंबिकापुर  बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र के एक छोटे से गांव देवीगंज की रहने वाली सूरजमणी ने हाल ही में एक जटिल परिस्थिति में तीन शिशु को जन्म दिया। इस प्रसव को चिकित्सकीय दृष्टिकोण से रेयर केस माना जा रहा है। महिला ने 3 बच्चों को जन्म दिया, उससे खास बात यह है कि प्रसूता ने 3 बच्चों को दो अलग-अलग अस्पतालों में जन्म दिया है। बता दें, इस महिला ने एक शिशु को बलरामपुर जिला अस्पताल में जन्म दिया और दो अन्य शिशुओं को अंबिकापुर के नए बस स्टैंड

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Madhya Pradesh

तीसरा बच्चा पैदा करने पर मिलेंगे ₹51 हजार, इस समाज का ऐलान

भोपाल        समाज के जिस दंपती के यहां तीसरी संतान जन्म लेगी, उसे 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा और समाज के कार्यक्रमों में उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा. यह ऐलान माहेश्वरी समाज ने किया है. राजस्थान के किशनगढ़ में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में यह फैसला लिया गया. अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज के कार्यकारी सदस्य रमेश माहेश्वरी ने बताया कि सर्वे कराने पर जानकारी मिली है कि अभी समाज की आबादी घटकर 8 लाख तक आ गई है. जबकि पहले 15-16 लाख तक थी. इसलिए फैसला लेना

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