भौम प्रदोष व्रत कथा: कर्ज मुक्ति और सुख-समृद्धि का पावन उपाय
हर महीने की त्रयोदशी तिथि देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय मानी गई है, क्योंकि इस तिथि पर प्रदोष व्रत रखने की परंपरा है. त्रयोदशी तिथि पर और प्रदोष काल में ही देवताओं ने भगवान शिव का जल से अभिषेक और स्तुति की थी, जब भोलेनाथ ने समुद्र मंथन से निकले विष को अपने गले में धारण किया था. इसी वजह इस तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है. आज 2 दिसंबर को प्रदोष व्रत है और मंगलवार पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा
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