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इंडोनेशिया में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, तीव्रता 6.1

सुलावेसी

इंडोनेशिया में आज बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। यह भूकंप उत्तरी सुलावेसी प्रांत के पास समुद्र में आया और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक भूकंप सुबह 6:55 बजे (स्थानीय समय) आया। राहत कि बात यह है कि इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की संभावना से इनकार किया है और अब तक किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इंडोनेशिया एक ऐसी जगह पर स्थित है जहां धरती की टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है, जिससे यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। इसी कारण, यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से बहुत संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्षों में, इस देश में कई खतरनाक भूकंप आ चुके हैं। जनवरी 2021 में, 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और हजारों लोग बेघर हो गए थे। 2018 में, 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 2,200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। वहीं, 2004 में आए 9.1 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में 1,70,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

इंडोनेशियाई सरकार और राहत एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं और किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहती हैं।

सुनामी  का खतरा नहीं

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, फिलहाल इस भूकंप से हुए नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है.  वहीं USGS  की तरफ से दी जानकारी के अनुसार भूकंप से सुनामी आने का खतरा नहीं है. जो इंडोनेशिया के लिए बड़ी राहत वाली बात है.
 इंडोनेशिया में अक्सर आते रहते हैं भूकंप

यह पहली बार नहीं है जब इंडोनेशिया में भूकंप आया हो. इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपसमूह है, जो प्रशांत महासागर के "फायर रिंग" पर स्थित है. यह क्षेत्र अत्यधिक भूकंपीय गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां टेक्टोनिक प्लेटें नियमित रूप से टकराती रहती हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं.
भूकंप से बचने के उपाय

  •     शांत रहें और जल्दी से नीचे झुकें: भूकंप के दौरान खुद को शांत रखकर, जमीन पर झुककर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें.
  •     सुरक्षित स्थान पर शरण लें: मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें, ताकि गिरते मलबे से बच सकें.
  •     दरवाजों और खिड़कियों से दूर रहें: इनसे दूर रहें क्योंकि ये आपको चोटिल कर सकते हैं.
  •     अगर बाहर हैं, तो खुले स्थान पर जाएं: इमारतों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहें.
  •     आफ्टरशॉक्स से सतर्क रहें: भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स से बचने के लिए सतर्क रहें.