Saturday, January 24, 2026
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रूस के स्टारलिंक किलर ने उड़ाई यूक्रेन और एलन मस्क की नींद, युद्ध की तस्वीर बदल सकता है ये हथियार

मॉस्को।

रूस की सेना ने कथित तौर पर एक ऐसा हथियार विकसित कर लिया है, जिससे यूक्रेन और अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की रातों की नींद उड़ सकती है। दरअसल रूसी सेना ने कथित तौर पर एक ऐसी उन्नत प्रणाली विकसित की है, जो दुश्मन यूएवी (ड्रोन्स) को स्टारलिंक सिस्टम से मिलने वाले सिग्नल को पकड़ सकती है।

रूस के इस नए सिस्टम को स्टारलिंक किलर कहा जा रहा है। वहीं इसका आधिकारिक नाम कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम है। मीडिया रिपोर्ट्स को अगर सही माने तो इससे यूक्रेन का परेशान होना बनता है क्योंकि यूक्रेनी सेना ने रूस को ड्रोन्स हमलों से खासा परेशान किया है। अब अगर रूसी सेना ने ये नया सिस्टम विकसित कर लिया है तो फिर यूक्रेन ड्रोन्स से भी रूस को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा और इससे युद्ध की तस्वीर भी बदल सकती है। एलन मस्क के लिए ये चिंता की बात इसलिए है क्योंकि स्टारलिंक सिस्टम एलन मस्क का ही है और इसका काट मिलना कहीं न कहीं मस्क के लिए भी झटका है।

15 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन ड्रोन्स का पता लग सकेगा
रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक का संचार टर्मिनल दिया है। इस टर्मिनल का इस्तेमाल करके ही यूक्रेन द्वारा रूस पर हवाई और नौसैनिक ड्रोन्स से हमले किए जा रहे हैं। रूसी मीडिया के अनुसार, कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम को रूस के सेंटर फॉर अनमैन्ड सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज (CBST) द्वारा विकसित किया गया है। CBST के अध्यक्ष का दावा है कि अभी कलिंका मॉनिटरिंग सिस्टम्स का परीक्षण चल रहा है। यह सिस्टम 15 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन ड्रोन्स का पता लगा सकता है। ये प्रणाली कथित तौर पर ड्रोन्स को मिल रहे स्टारलिंक सिग्नल का तेजी से पता लगा सकती है, जिसके बाद दुश्मन ड्रोन्स को निशाना बनाना आसान है।

स्टारलिंक क्या है?
स्पेसएक्स का स्टारलिंक एक उपग्रह-आधारित इंटरनेट सेवा है जो दुनिया भर में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं प्रदान करती है। यह फाइबर ऑप्टिक केबल की तरह प्रकाश के माध्यम से डेटा मुहैया करती है। स्टारलिंक के उपग्रह पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद हैं, वहीं से जमीन पर मौजूद उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट मिलता है। रूस द्वारा यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया गया है, जिसके चलते यूक्रेनी सेना इंटरनेट के लिए स्टारलिंक पर निर्भर है। 

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