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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में हंगामा, कार्रवाई स्थगित… कांग्रेस विधायक सदन में नहीं लौटे

रायपुर।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की रेकी कराने का आरोप लगाते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया।

जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दल के सदस्यों ने यह आरोप लगाया कि उनकी रेकी करवाई जा रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद इस विषय पर चर्चा का अवसर दिया जाएगा, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

जैसे ही सदन दोबारा शुरू हुआ, फिर से हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि दंंतेवाड़ा से पुलिस बुलाकर कांग्रेस अध्यक्ष के घर की निगरानी करायी जा रही है। क्या रायपुर में पुलिस की कमी हो गयी। विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार समझाने के बाद भी कांग्रेसी विधायक नही माने।

सभी विधायक हंगामा करते हुए गर्भगृह में पहुंच गये, जिसके विधानसभा की प्रक्रिया के मुताबिक सभी को निलंबित कर दिया गया। हालांकि कुछ देर बाद ही सभी का निलंबन रद्द कर दिया गया। हालांकि कांग्रेस विधायक सदन में नहीं लौटे।

कोडागांव जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में हुई गड़बड़ी की जाचं होगी। भाजपा विधायक लता उसेडी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ये जवाब दिया है। लता उसेंडी ने सवाल पूछा था कि कोंडगांवा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत किन-किन कार्यों की राशि स्वीकृत की गयी। निविदा कब आमंत्रित की गयी और उसकी शर्त किया थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जो गाड़ियां हायर की गयी है, उसके टेंडर में भी गड़बड़ी की गयी है।

जवाब में मंत्री ने बताया कि 2021-22 और 2022-23 में एनएचएम की तरफ से प्रिटिंग कार्य के लिए टेंडर मंगाये थे। 8 फर्मों नें टेंडर में हिस्सा लिया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, उन्हें निविदा की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर उनके पास कोई शिकायत हैं, तो वो उन्हें दे दें, वो उसे दिखवा लेंगे।

इस पर भाजपा विधायक ने कहा कि निविदा की गड़बड़ी को लेकर शिकायत भी की गयी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। हालांकि विधायक ने दावा किया कि सूचना के अधिकार के तहत गड़बड़ी की जानकारी भी मिली है और स्वास्थ्य मंत्री के पास शिकायत भी पहुंची । जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी ने कार्रवाई के लिए पत्र भी संचालक और अवर सचिव को लिखा है।

इस जवाब पर लता उसेंडी ने कहा कि फ्लैक्स की प्रिंटिंग के लिए 7 रुपये की जगह पर 17 रुपये का भुगतान किया गया। टेंडर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गयी है। लता उसेंडी बार-बार कहती रही, कि उनके पास सभी आरोपों के साक्ष्य मौजूद हैं।

लता उसेंडी ने कहा कि 10 महीने हो गये, शिकायत हो रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।लता उसेंडी ने कहा कि इस मामले मे दोषी अधिकारी को क्या निलंबित किया जायेगा या विभागीय जांच की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीएमएचओ, डीपीएम और डीएफओ तीनों जिम्मेदार हैं। इस मामले में तीनों अधिकारियों के निलंबन की मांग विधायक लता उसेंडी ने की।

उन्होंने इस मामले में जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, विधायक अगर दस्तावेज सौंप दें, तो वो उन्हें दिखवा लें। जिसके बाद विधायक ने इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की, लेकिन मंत्री ने सिर्फ इतना ही आश्वासन दिया कि वो दस्तावेज उन्हें सौंप दें, वो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट का मुद्दा उठा। धरमलाल कौशिक की गैरमौजूदगी में ये सवाल आज अजय चंद्राकर ने पूछा। अजय चंद्राकर ने गृहमंत्री विजय शर्मा से डिजिटल अरेस्ट के प्रकरण और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मागी। जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के 12 प्रकरण सामने आए हैं. इन सभी प्रकरण में कार्रवाई की गई है।

जवाब में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर को बताया गया कि 168 करोड़ रुपए की राशि ठगी गई थी,करीब पाँच करोड़ 20 लाख रुपए की राशि वापस कराई गई है। उन्होंने बताया कि ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में शिफ्ट किया जाता है, प्रारंभिक खाते को बंद किया जाता है।

गृहमंत्री ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट 12 के सभी प्रकरणों में कार्रवाई हुई है। 5 करोड़ 20 लाख की ठगी की गयी है। 168 करोड़ की राशि ठगी गयी है, जिसमे से 5 करोड़ 20 लाख की राशि वसूल की गयी है। वहीं 4427 अकाउंट को होल्ड किया गया है। जिन खातों को होल्ड किया गया है, 4 करोड़ 13 लाख की राशि उसमें है।

अजय चंद्राकर ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गयी है कि साइबर क्राइम में शामिल 1795 खाते अभी भी चालू है.. जिसमें 921 खाते ऐसे हैं, जिसमें एक से ज्यादा बार ट्राजेक्शन हुए हैं। आखिर इन्हें फ्रीज क्यों नहीं किया गया। जवाब में बताया गया कि जिन खातों में राशि का स्थानांतरण किया गया है, उसे फ्रीज किया गया है।