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Tuesday, March 10, 2026
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Madhya Pradesh

अमृत 2.0 अंतर्गत जिला स्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न

        धार
 कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अमृत 2.0 अंतर्गत जिला स्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। विधायक नीना वर्मा, धार नगरपालिका अध्यक्ष नेहा बोड़ाने , नगर परिषद राजगढ अध्यक्ष सावरे जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में श्री मिश्रा ने कहा  ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भी समुचित तैयारी करें। इस योजना के दौरान संबंधित एरिया के गार्डनो पर विशेष ध्यान दें। संबंधित अधिकारी कार्य के दौरान ड्राइवर्जन और ट्रैफिक के बारे में क्षेत्र के नागरिकों को पूर्व में जानकारी अवष्य दें। जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी ना हो। सीएमओ सरदारपुर और राजगढ़ के लिए सभी तैयारी पूरी कर ले। यहां का पानी माही नदी में जा रहा है इसके लिए ड्रेनेज की अच्छी व्यवस्था करें। सभी सड़कों को खोदने के बाद उसके रेस्टोरेशन का कार्य अच्छे से हो । इसके साथ ही गंदे पानी की सफाई का कार्य व्यवस्थित तरीके से करें।  सीएमओ शांति समिति की बैठक और पार्षदों की बैठक लेकर इसकी जानकारी दे। साथ ही जमीनी स्तर पर भी इसकी जानकारी रहे। नगर पालिका नगर परिषद अपने शिक्षा मद का उपयोग अच्छे से करें इसके लिए पार्षद अपने क्षेत्र के स्कूलों में कार्य करवाए।
विधायक श्रीमती वर्मा ने कहा कि हमें प्रॉपर तरीके से जिले में पानी की सप्लाई करना हैं। सीवरेज के लिए भी प्लान तैयार कर ग्रे वॉटर के लिए भी उसे  यूज करने के लिए व्यवस्था की जाए। धूप तालाब में  ट्रीटेड वॉटर से सिंचाई का कार्य करने की व्यवस्था करें ।
       बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के निर्देशों के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन योजनान्तर्गत जिले की नगरपालिका धार एवं नगर परिषद सरदारपुर, राजगढ़ द्वारा लिक्वीड वेस्ट मैनजमेंट कार्य अन्तर्गत तैयार की गई डी.पी.आर की स्वीकृति को प्रेजेंटेंषन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिषन योजना अंतर्गत नगरपालिका धार की 3935.85 लाख रूपये लागत की, नगर परिषद सरदारपुर की 300.00 लाख रूपये लागत की और नगर परिषद राजगढ़ की 500.80 लाख रूपये लागत की लिक्विड वेस्ट मैनेमेंट के कार्य किये जाना है। साथ ही इन निकायों के उक्त लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के माध्यम से नगरों के ड्रेनेज, पानी के उचित निष्पादन एवं ट्रीटमेंट के लिये कार्य योजना में सम्मिलित किया गया है।