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इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर।

रायपुर की कोर्ट ने आज अधीक्षण अभियंता को पांच साल का सश्रम कारावास के साथ ही एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला अब से थोड़ी देर पहले ही आया है।

मनोज ठाकुर 2015 में रायपुर नगर निगम में कार्यपालन अभियंता थे, तब उनके यहां एसीबी का छापा पड़ा था। उनके यहां बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति के पेपर मिले थे। मनोज ठाकुर नगरीय प्रशासन विभाग के ईम्पलाई थे। वे डेपुटेशन पर रायपुर और भिर्ला नगर निगम में पोस्टेड रहे।

आय से अधिक संपत्ति मिलने पर एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार का कोर्ट में पेश किया। उसके बाद वे करीब सवा दो साल जेल में रहे। जेल से छूटने के बाद वे पुनः सेवा में बहाल हो गए।

उन्हें भिलाई नगर निगम में पोस्टिंग मिली। इसके बाद वे ट्रांसफर कराकर रायपुर स्मार्ट सिटी में अधीक्षण अभियंता के तौर पर ज्वाईन किया। स्मार्ट सिटी से वे दिसंबर 2024 में रिटायर हुए थे। तब तक कोर्ट ने फैसला सुना दिया। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में छत्तीसगढ़ में किसी सरकारी मुलाजिम को अब तक की यह सबसे बड़ी सजा मिली होगी।