Saturday, January 24, 2026
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बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं, भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा बांग्लादेश

नई दिल्ली
सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं। अब बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ एक और साजिश रची है। वह दक्षिण त्रिपुरा में मुहुरी नदी के पास एक और तटबंध बना रहा है। इसकी वजह से सीमा से सटे शहरों में बाढ़ की आशंकाएं बढ़ गई हैं। बेलोनिया के सीपीएम विधायक दीपांकर सेन ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तुरंत इसमें हस्तक्षेप करने की मांग क है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नदी पर बन रहा यह तटबंध डेढ़ किलोमीटर लंबा और 20 फीट ऊंचा है। सेन ने कहा कि इंदिरा-मुजीब समझौते के अनुसार, किसी भी देश को बॉर्डर के 150 गज के अंदर किसी भी तरह का निर्माण करने की अनुमति नहीं है। इस समझौते के बाद भी बॉर्डर से 50 गज की दूरी और कुछ जगह 10 गज की दूरी पर इस तटबंध का निर्माण किया जा रहा है। इसी समझौते के चलते दक्षिणी त्रिपुरा के इलाकों में बांग्लादेश की आपत्ति के बाद कई प्रोजेक्ट्स भी रोक दिए गए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले में रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, एसपी साउथ त्रिपुरा ने कहा, ''हमारे नोटिस में मामला सामने आया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। फिलहाल अभी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।'' भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास मुहुरी नदी के नजदीक स्थित शहरों में रहने वाले कम से कम 500 परिवारों को इस तटबंध के निर्माण की वजह से मॉनसून में बाढ़ आने का डर है। बता दें कि तटबंध नदी के पानी के बहाव को रोकता है और इसकी वजह से ही बेलोनिया में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है।

भारत के खिलाफ साजिश रच रहा बांग्लादेश
शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब हो गए। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के बिराल उपजिला में भाबेश चंद्र रॉय नामक शख्स को पहले अगवा किया गया और फिर उसे पीट-पीटकर मार डाला गया। इससे दोनों देशों में टेंशन बढ़ गई। भारत ने बांग्लादेश को मुंहतोड़ जवाब दिया। रॉय शतग्राम संघ के अंतर्गत बसुदेबपुर गांव के निवासी थे और बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। स्थानीय हिंदू समुदाय में उनका काफी सम्मान था।

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