Saturday, January 24, 2026
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महाराष्ट्र के बदलापुर में हुई घटना को लेकर राज्य सरकार पीड़िताओं के परिजनों को आर्थिक सहायता देगी

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के बदलापुर में हुई घटना को लेकर राज्य सरकार पीड़िताओं के परिजनों को आर्थिक सहायता देगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लड़की के परिवार को 10 लाख रुपये देने की भी घोषणा हुई। साथ ही, दूसरे 4 वर्षीय छात्रा के परिजनों को 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, शिक्षा विभाग ने दोनों लड़कियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर दीपक केसरकर ने मीडिया से बातचीत में सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। इस मामले में कामिनी गायकर और निर्मला घुरे को सह-अभियुक्त के तौर पर नामित किया जाएगा।'

शिक्षा मंत्री केसरकर ने सरकार की ओर से नियुक्त 2 सदस्यीय समिति के सुझावों पर अमल करते हुए ये घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया, 'इस घटना की जांच में दोषी पाए गए कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रिंसिपल अर्चना अठावले भी सस्पेंड हो चुकी हैं। जांच के दौरान यह सामने आया था कि उन्होंने कुछ जानकारियां छिपाईं। इस तरह मामले में जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें सीसीटीवी लगाना, रिकॉर्ड को 15 दिनों तक सुरक्षित रखना आदि शामिल है। साथ ही, हर स्कूल में पैनिक बटन लगाने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

बदलापुर की घटना और इस पर राजनीति

मालूम हो कि ठाणे जिले में बदलापुर के एक स्कूल में पुरुष सहायक की ओर से 2 बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया गया था। इस मामले पर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। आरोपी को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बदलापुर मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं। बीजेपी के ठाणे जिला अध्यक्ष संजय वाघुले और विधायक संजय केलकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बारिश के बीच अहिल्यादेवी स्मारक के सामने एकत्र हुए। उन्होंने पीड़ित बच्चियों के लिए शीघ्र न्याय की मांग की। वाघुले ने कहा, 'यह एक गंभीर घटना है, जिसने पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को परेशान कर दिया है। हालांकि, एमवीए के नेता इस त्रासदी का राजनीतिकरण करने में व्यस्त हैं। वे महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।'

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