Saturday, January 24, 2026
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Madhya Pradesh

MSP पर गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड, सीहोर नंबर-1 पर; एक माह में 5.29 लाख टन से अधिक बिक्री

 सीहोर  

समर्थन मूल्य केंद्रों पर इस साल किसानों की गेहूं बेचने की होड़ लगी हुई है। एक माह की खरीदी में ही इस बार सीहोर ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। पिछले साल पूरे सीजन में 5 लाख 6 हजार 40 टन गेहूं खरीदा गया था। इस बार सिर्फ एक महीने में 5 लाख 29 हजार 482 टन की खरीदी हो चुकी है। इस तरह सीहोर प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है, जबकि उज्जैन 4 लाख 68 हजार टन के साथ दूसरे नंबर पर है।

इस सीजन में किसान बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने आ रहे हैं। इस बार मौसम अनुकूल रहा। फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक बारिश ने साथ दिया। कटाई के समय मौसम साफ रहा। इससे फसल की निकासी में कोई रुकावट नहीं आई। किसानों को उपज का भुगतान भी 3 से 7 दिन में मिल रहा है। साथ ही 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी मिल रहा है। इसके अलावा खुले बाजार और मंडी में गेहूं के दाम कम है। इसके कारण किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य केंद्रों पर ले जा रहे हैं। समर्थन केंद्रों पर किसानों की उपज बेचने भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है।

जिले में 820 करोड़ रुपये का हो चुका भुगतान
इस सीजन में 15 मार्च से खरीदी शुरू हुई थी। 15 अप्रैल तक 5 लाख 29 हजार टन गेहूं खरीदा जा चुका है। पिछले साल खरीदी 20 मार्च से शुरू होकर 31 मई तक चली थी। इस बार 5 मई तक ही खरीदी होनी है। यानी कुल 51 दिन का समय मिलेगा। इसके बावजूद अगले 20 दिन में 1.25 लाख से 1.50 लाख टन गेहूं और खरीदे जाने की उम्मीद है। अब तक जिले में 4 लाख 22 हजार टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। किसानों को 820 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पूरे सीजन में अब तक 1376 करोड़ की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 1203 करोड़ के ईपीओ जनरेट हो चुके हैं। किसानों के खातों में 1192 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं।

61 हजार 296 किसान बेच चुके अपनी उपज
इस बार 88 हजार 292 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 61 हजार 296 किसान अब तक अपनी उपज बेच चुके हैं। जिले में 240 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। शुरुआत में ही 140 केंद्रों पर खरीदी शुरू कर दी गई थी। पिछले साल की तुलना में इस बार खरीदी 5 दिन पहले शुरू हुई। मंडी में इस बार गेहूं के भाव कम हैं। मिल क्वालिटी गेहूं 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल कम दाम में बिक रहा है। जबकि समर्थन मूल्य पर ज्यादा दाम मिल मिल रहे रहे हैं। इसलिए किसान मंडी की बजाय खरीदी केंद्रों पर गेहूं बेच रहे हैं। भुगतान की व्यवस्था भी बेहतर हुई है। पिछले साल 10 से 15 दिन में भुगतान होता था। इस बार 3 से 7 दिन में पैसा मिल रहा है। यही वजह है कि इस बार खरीदी में रिकॉर्ड बना है।

गेहूं खरीदी में सीहोर नंबर 1
इस संबंध में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आकाश चंदेल ने बताया कि गेहूं खरीदी में सीजन में अभी तक सीहोर नंबर वन पर है। इस साल अभी तक 5 लाख 29 हजार मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है।

 

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