Google Analytics Meta Pixel
Wednesday, March 11, 2026
news update
National News

NEET ‘पेपर लीक’ की CBI जांच को SC में अर्जी, सरकार और NTA को नोटिस




नई दिल्ली

नीट-यूजी परीक्षा में 'पेपर लीक' के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इसके समेत 7 अर्जियों पर सुनवाई करते हुए एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई तय कर दी है। कुल 7 अर्जियों में से एक में कहा गया था कि पेपर लीक के आरोप की सीबीआई से जांच करानी चाहिए। इस पर अदालत ने एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किया है। यही नहीं अदालत ने कहा कि हम इन अर्जियों पर भी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ ही 8 जुलाई को सुनवाई करेंगे।

बता दें कि पहले ही इस मामले में कई अर्जियां कोर्ट में हैं। इन पर ही सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में सरकार ने गुरुवार को बताया था कि नीट परीक्षा में 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले थे, जिन्हें रद्द किया जा रहा है। अब इन छात्रों के लिए 23 जून को फिर से परीक्षा की जाएगी। जो भी छात्र उसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वह बैठ सकते हैं। इसके अलावा जो छात्र दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे, उनकी मेरिट बिना ग्रेस मार्क्स के साथ ही बनेगी। परीक्षा देने वालों की मेरिट नए रिजल्ट के साथ तैयार की जाएगी। दोबारा होने वाली परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग हाई कोर्ट्स में दाखिल अर्जियों को ट्रांसफर करने की मांग पर भी नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं। इनमें ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों में निरस्त करने की मांग की गई है। पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि आठ जुलाई को इस पर सुनवाई होगी।

इस बीच एनटीए ने कहा कि वह मामलों को उच्च न्यायालयों से उच्चतम न्यायालय में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली तीन अन्य याचिकाओं को वापस लेना चाहती है। वे पांच मई को परीक्षा के दौरान समय बर्बाद होने के आधार पर 1,563 उम्मीदवारों को कृपांक दिए जाने से संबंधित हैं। एनटीए के वकील ने कहा कि मुद्दे का निपटारा हो गया है और वह 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक को निरस्त करने के 13 जून के शीर्ष अदालत के आदेश के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित कर देंगे।