Google Analytics Meta Pixel
Tuesday, March 10, 2026
news update
Madhya Pradesh

पन्ना : 14 वर्षीय सक्षम ने बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान, 4 सेकेंड में A से Z तक टाइप कर ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया नाम

पन्ना

पन्ना-जिले में प्रतिभाओं की कमीं नही है। नगर के मध्यमवर्गीय परिवार से 14 वर्षीय बालक सक्षम नामदेव ने साबित कर दिखाया है। महज 4 सेकेंड में A से Z तक टाइपिंग का रिकॉर्ड बनाकर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करा कर पन्ना जिले सहित समूचे प्रदेश का नाम किया रोशन।

पन्ना नगर के निवासी सक्षम नामदेव की अपने पिता से अलग अपनी मां लक्ष्मी नामदेव के साथ रहते थे। मां सिलाई कर भगवान जुगलकिशोर जी के पकड़े बनाती है और पढ़ाई का खर्च उठाती हैं। फिलहाल सक्षम 11वीं में पढ़ाई कर रहा है। पढ़ाई के साथ साथ अपने मामा राहुल नामदेव की इंटरनेट कैफे में सहयोग करता है। इसी बीच सक्षम ने वह कर दिखाया जिसे सुन सब हैरान रह गए।

सक्षम ने महज 4 सेकेंड में अल्फाबेट A से Z तक टाइप कर रिकार्ड बनाया है। जिसके लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। दरअसल सक्षम शुरुआत से ही तेज टाइपिंग करते रहे हैं। सक्षम की कुशलता को देखते हुए मामा ने इंडिया बुक में रिकॉर्ड दर्ज करने की तैयारियों की सलाह दी।

मात्र 1 माह में ही सक्षम नामदेव ने आपके लक्ष्य को हासिल कर 4 सेकेंड में ही a से z तक विथ स्पेश टाइपिंग कर यह मुकाम हासिल किया है। यह रिकॉर्ड उनको ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 6 अगस्त को मिला है। भारत के 14 वर्ष की आयु में रिकॉर्ड बनाने वाले पहले बच्चे बन गए हैं। इस सफलता पर रिश्तेदारों ने भी बधाइयां देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

मामा ने टाइपिंग सिखाई

सक्षम नामदेव ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस सफलता का श्रेय मेरे मामा राहुल नामदेव को जाता है। उन्होंने ने ही मुझे अच्छी स्पीड से टाइपिंग करना सिखाया और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में पार्टिसिपेट करने में सहयोग किया।

इंट्रेस्ट से मिली सफलता

मामा राहुल नामदेव ने बताया कि बच्चे के इंट्रेस्ट को देखते हुए तैयारियां कराई और कम समय में सक्षम ने सफलता अर्जित की है। पहले मई के महीने में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अप्लाई किया था। मई माह में ही मिल गया था। लेकिन बुक का प्रिंट उल्टा होने के कारण वापस रिवर्ट कर दिया था। दोबारा अगस्त माह की 6 तारीख को दर्ज हुआ था और सितंबर में पोस्ट के माध्यम से पुरस्कार घर आया है।