Google Analytics Meta Pixel
Wednesday, March 11, 2026
news update
Politics

मोदी और ट्रंप की फोन पर हुई 35 मिनट की बातचीत पर शहजाद पूनावाला ने कहा- कांग्रेस पार्टी फर्जी खबरों की फैक्ट्री

नई दिल्ली
 पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर हुई 35 मिनट की बातचीत पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी फर्जी खबरों की फैक्ट्री और झूठ का जनरेटर है।
शहजाद पूनावाला ने बुधवार को समाचार से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी एक बार फिर फर्जी खबरों की फैक्ट्री और झूठ का जनरेटर साबित हुई है। कांग्रेस पार्टी आईएनसी की तरह कम और पीएनसी (पाकिस्तानी नेशनल कांग्रेस) की तरह ज्यादा बोलती है। राहुल गांधी विपक्ष के नेता की तरह कम और पाकिस्तान प्रोपेगेंडा फैलाने वाले नेता की तरह ज्यादा बोलते हैं।

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए पूनावाला ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस की ओर से जो झूठ फैलाया गया, उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत ने बेनकाब कर दिया है। पीएम मोदी ने इस बातचीत में स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के मामले में किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं हुई है। जबकि कांग्रेस लगातार इस बात को उठाती रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक सीजफायर में मध्यस्थता की।

ट्रंप के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान डीजीएमओ ने सीजफायर की गुहार भारत से लगाई थी। लेकिन, कांग्रेस सरेंडर और अन्य घटनाओं से जोड़कर 'ऑपरेशन सिंदूर' का मजाक बनाती रही। ट्रंप के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने आतंकवाद के मामले पर साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान की ओर से गोली चलाई जाएगी तो यहां से बदले में गोला चलाया जाएगा। आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूनावाला ने मांग की है कि कांग्रेस जो हमेशा से सेना का अपमान करती रही है, उसने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर सवाल उठाकर भी सेना का अपमान किया। पाकिस्तान की प्रशंसा करने वाली इस कांग्रेस पार्टी को देश की सेना से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का भी आग्रह किया था। लेकिन, शेड्यूल की व्यवस्थता को देखते हुए नहीं जा पाए। लेकिन, जल्द ही मुलाकात पर सहमति बनी है। कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि मोदी विरोध के चक्कर में वह देश का विरोध करने लगे हैं।