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Tuesday, March 10, 2026
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कन्नड़ भाषा विवाद: कर्नाटक हाई कोर्ट से सोनू निगम को दी राहत

बेंगलुरु

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कन्नड़ समुदाय के कथित तौर पर अपमान करने के मामले में सिंगर सोनू निगम को राहत दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सोनू के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग होगा। सोनू निगम ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दी थी। पिछले महीने म्यूजिक कॉन्सर्ट में हुए विवाद के बाद शिकायत पर बेंगलुरु पुलिस ने बीएनएस की धारा 351 (2) (आपराधिक धमकी), 352 (1) (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 353 (सार्वजनिक शरारत भड़काने की आशंका वाले बयान) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जस्टिस शिवशंकर अमरन्नावर की बेंच ने कहा कि अदालत को राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगर सोनू निगम जांच में सहयोग करते हैं, तो उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

FIR रद्द करने की दी थी अर्जी
कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष धर्मराज अनंतैया ने अपनी शिकायत में कहा था कि सोनू निगम ने न केवल कन्नड़ लोगों का अपमान किया है, बल्कि कन्नड़ गाने के अनुरोध को आतंकवादी कृत्य से जोड़कर उनके सांस्कृतिक गौरव और भाषाई पहचान की तुलना हिंसा और असहिष्णुता से की है। सुनवाई के दौरान सिंगर के वकील ने सार्वजनिक माफी का हवाला दिया, जबकि सरकार ने तर्क दिया कि टिप्पणी लाइव प्रसारण के दौरान की गई थी और कानूनी कार्रवाई उचित है। इस मामले में सोनू ने सफाई दी थी कि वहां चार-पांच गुंडे किस्म के लोग थे जो जोर-जोर से 'कन्नड़-कन्नड़' चिल्ला रहे थे। कुछ लड़कियां उन्हें समझा रही थीं कि ऐसा मत करो, माहौल खराब हो रहा है। मैं उन चार-पांच लोगों को बस ये बताना चाहता था कि पहलगाम में जब आतंकवादियों ने हमला किया था, तब उन्होंने किसी से ये नहीं पूछा था कि वे कौन-सी भाषा बोलते हैं।

क्या था मामला?
यह विवाद 25 अप्रैल को बेंगलुरु के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान हुआ था। कॉन्सर्ट के दौरान ऑडियंस ने सोनू से कन्नड़ में गाने की डिमांड की। सिंगर ने अनुरोध के तरीके पर आपत्ति जताई और गुस्से में उन लड़कों की क्लास लगा दी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 'कन्नड़, कन्नड़, कन्नड़। यही कारण है कि पहलगाम हुआ।' सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर हंगामा हो गया और कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उन्हें बैन करने का फैसला ले लिया। मामला बढ़ते ही सोनू ने माफी मांग ली थी।