Google Analytics Meta Pixel
Wednesday, March 11, 2026
news update
Madhya Pradesh

इंदौर : तीन महीने बंद रहेगा मालवा मिल से पाटनीपुरा रोड, बीच से हटेगा 100 साल पुराना पुल

इंदौर
 मालवा मिल-पाटनीपुरा सड़क होली के बाद तीन माह बंद रहेगी। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ेगा। मालवा मिल से पाटनीपुरा के बीच बनने वाले पुल के लिए शनिवार को भूमिपूजन किया गया। वर्तमान पुल जर्जर अवस्था में होकर संकीर्ण है। इस वजह से यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

शनिवार को हुए भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर सभापति मुन्नालाल यादव एमआइसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया आदि उपस्थित थे। राठौर ने बताया कि यह पुल 30 मीटर चौड़ा और 21 मीटर लंबा होगा।

इसके निर्माण पर करीब छह करोड़ रुपये लागत आ रही है। इस पुल के तैयार होने के बाद क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। बार-बार लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी। वर्तमान पुल ऐरन से बना है और करीब 100 वर्ष पुराना और 40 फीट चौड़ा है। नया पुल करीब 100 फीट चौड़ा होगा।

प्रतिमा हुई शिफ्ट, पाटनीपुरा चौराहे से गुजरना होगा आसान

यातायात समस्या हल करने के लिए नगर निगम ने पाटनीपुरा चौराहे की रोटरी हटाने का काम शुरू कर दिया है। इस रोटरी पर लगी श्रमिक नेता रामसिंह भाई की प्रतिमा रविवार शिफ्ट कर दी गई। इसे पास ही डिवाइडर पर स्टैंड बनाकर शिफ्ट किया गया है।

निगम यातायात विभाग जल्द ही चौराहे पर नए सिग्नल लगाएगा। इसके लिए सर्वे सोमवार से शुरू हो जाएगा। करीब 22 वर्ष पहले कांग्रेस शासनकाल में पाटनीपुरा चौराहे पर रोटरी बनाकर श्रमिक नेता रामसिंह भाई की प्रतिमा लगाई गई थी। पहले यह रोटरी काफी बड़ी थी।

चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बनती थी

इसकी वजह से चौराहे पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। इसे देखते हुए इंजीनियरों के सुझाव पर रोटरी को दो बार छोटा भी किया गया, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। अंतत: रोटरी को हटाने का निर्णय लिया गया। रविवार को करीब दो घंटे की मशक्कत कर प्रतिमा शिफ्ट कर दी गई।

इसके बाद रोटरी तोड़ने का काम शुरू हुआ। पाटनीपुरा चौराहे की रोटरी तोड़कर निगम यातायात व्यवस्था सुधारने की बात कर रहा है।

सिग्नल कहां लगे, इसका होगा सर्वे

निगम पाटनीपुरा चौराहे पर सिग्नल व्यवस्था के बदलाव के लिए सर्वे करेगा। निगम अधिकारी वैभव देवलासे ने बताया कि सर्वे में यह देखा जाएगा कि सिग्नल चौराहे के बीचोबीच लगाया जाए या साइड में। सर्वे कर एक सप्ताह में सिग्नल लगा दिए जाएंगे।