Google Analytics Meta Pixel
National News

PM मोदी के दौरे से पहले मुस्लिम देश को भारत का बड़ा तोहफा, पाकिस्तान में मची खलबली!

नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले भारत ने मालदीव को एक खास तोहफा दिया है. ये तोहफा है मालदीव पुलिस के दस जवानों को वीआईपी सिक्योरिटी में ट्रेनिंग देना. वीआईपी सुरक्षा की ट्रेनिंग लेने के बाद ये सभी 10 कमांडो, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के अंगरक्षक के तौर पर तैनात किए जाएंगे. इसी महीने के आखिरी हफ्ते में पीएम मोदी दो दिवसीय (25-26 जुलाई) मालदीव के दौरे पर जा रहे हैं.

इन सभी दस कमांडो ने नोएडा में दो हफ्तों की वीआईपी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शनिवार (19 जुलाई, 2025) को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह से दिल्ली में मुलाकात की. नोएडा में सीआरपीएफ का वीआईपी सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर है. देश के वीआईपी और दूसरे गणमान्य व्यक्तियों को वाई और जेड कैटेगरी की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले है. गृह मंत्री अमित शाह और दलाई लामा तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की सिक्योरिटी विंग के हवाले है.

क्षेत्रीय संबंध होंगे मजबूत
मालदीव पुलिस के कमांडो से मुलाकात के बाद सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण शांति, प्रोफेशनलिज्म और पुलिसिंग में अधिक सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है. सीआरपीएफ के मुताबिक, पड़ोसी देशों की पुलिस के साथ इस तरह के सहयोग से क्षेत्रीय संबंध मजबूत होंगे और पार्टनरशिप को ताकत मिलेगी.

सीआरपीएफ ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह क्षेत्र में आपसी विश्वास और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक गौरवपूर्ण कदम है. इसी महीने की 25 तारीख को मालदीव का राष्ट्रीय दिवस है. मालदीव के नेशनल डे पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे.

दोनों देशों के बीच आई खटास होगी कम
पीएम की यात्रा से दोनों देशों के बीच मुइज्जु के राष्ट्रपति बनने से आई खटास थोड़ी कम होने की उम्मीद है, क्योंकि साल 2023 में मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जु ने भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर सहित क्रू-सदस्यों को अपने देश से निकाल दिया था. साथ ही मुइज्जु को चीन का करीबी माना जाता है. हालांकि, पिछले साल मुइज्जु ने भी दिल्ली का दौरा किया था और भारत को अहम सहयोगी बताया था.

जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के मालदीव दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम करार होने की उम्मीद है. साथ ही मालदीव के अलग-अलग द्वीपों को जोड़ने के लिए शुरू होने वाली फेरी (बोट नौवहन) के लिए भी भारत एक बड़ा अनुदान कर सकता है.