बस्तर में सौरउर्जा के क्षेत्र में कार्य के लिए gsservices का विराट पॉवर के साथ महत्वपूर्ण समझौता… रीजनल मैनेजर गणेश वर्मा ने कहा ‘बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुंचाएंगे सरकार की योजना का लाभ’
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सिटी न्यूज। रायपुर।
जीएस सर्विसेज (GS Services) ने बस्तर संभाग में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विराट पॉवर कंपनी के साथ हुए समझौते के तहत, जीएस सर्विसेज बस्तर संभाग में सोलर सिस्टम की स्थापना और संचालन को बढ़ावा देगी। इस पहल का संचालन बस्तर संभाग के लिए क्षेत्रीय कार्यालय, जो कृषि उपज मंडी के सामने, मेन रोड, तोकापाल, जगदलपुर, जिला बस्तर, छत्तीसगढ़ में स्थित है, द्वारा किया जाएगा।
समझौते का महत्व
जीएस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक ने इस समझौते को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगा। रीजनल मैनेजर गणेश वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसमें प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की सब्सिडी और अधिकतम 3 किलोवाट के लिए 30,000 रुपये तक की राज्य सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अतिरिक्त होगी, जो सौर ऊर्जा को अपनाने में लोगों की मदद करेगी।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, जिसे 13 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था, का उद्देश्य 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत निम्नलिखित सब्सिडी प्रदान की जाती है:
– 2 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए 60% लागत पर सब्सिडी, जो 1 किलोवाट के लिए 30,000 रुपये और 2 किलोवाट के लिए 60,000 रुपये है।
– 2 से 3 किलोवाट के सिस्टम के लिए अतिरिक्त लागत का 40% सब्सिडी, अधिकतम 3 किलोवाट तक सीमित, जिसके लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
छत्तीसगढ़ में सौर सब्सिडी
छत्तीसगढ़ सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी की व्यवस्था की है। जीएस सर्विसेज के रीजनल मैनेजर के अनुसार, राज्य सरकार 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम के लिए प्रति किलोवाट 10,000 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी। यह सब्सिडी L1 दरों (न्यूनतम खोजी गई दरें) के आधार पर दी जाएगी, जहां:
– 1 से 3 किलोवाट के सिस्टम के लिए L1 दर 42,000 रुपये प्रति किलोवाट है।
– 3 से 10 किलोवाट के सिस्टम के लिए L1 दर 40,500 रुपये प्रति किलोवाट है।
इसके अतिरिक्त, यह सब्सिडी केवल मेड-इन-इंडिया सोलर पैनलों के लिए और ऑन-ग्रिड कनेक्शन वाले आवासीय प्रतिष्ठानों के लिए लागू है।
जीएस सर्विसेज की भूमिका
जीएस सर्विसेज अपनी गोल्डन सॉल्यूशन सर्विस के माध्यम से लोगों को सौर ऊर्जा और पीएम सूर्य घर योजना के लाभों के बारे में जागरूक करेगी। कंपनी निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करेगी:
– घर पहुंच सेवा: सोलर सॉल्यूशन के इंस्टालेशन और सब्सिडी आवेदन प्रक्रिया में सहायता।
– जागरूकता अभियान: लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग और इसके लाभों के बारे में जानकारी देना।
– वेंडर चयन और इंस्टालेशन: पंजीकृत वेंडरों के माध्यम से सोलर सिस्टम की स्थापना और नेट मीटरिंग की सुविधा।
आवेदन प्रक्रिया
पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
1. ऑनलाइन पंजीकरण: आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करें। इसके लिए राज्य, बिजली वितरण कंपनी, उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसे विवरण दर्ज करें।
2. आवेदन जमा करना: आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पता प्रमाण, बिजली बिल, छत स्वामित्व प्रमाणपत्र और बैंक विवरण अपलोड करें।
3. DISCOM से अनुमोदन: आवेदन के बाद, DISCOM द्वारा तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जाएगी, जो 15 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।
4. सोलर सिस्टम स्थापना: अनुमोदन के बाद, पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर सिस्टम स्थापित करें।
5. नेट मीटर स्थापना और निरीक्षण: DISCOM द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाएगा और सिस्टम का निरीक्षण होगा।
6. सब्सिडी प्राप्ति: कमीशनिंग प्रमाणपत्र प्राप्त होने के बाद, बैंक खाता विवरण और रद्द चेक जमा करें। सब्सिडी 30 कार्य दिवसों के भीतर खाते में जमा हो जाएगी।
पात्रता मानदंड
– आवेदक भारत का नागरिक हो।
– उसके पास सोलर पैनल स्थापना के लिए उपयुक्त छत वाला आवासीय संपत्ति हो।
– वैध बिजली कनेक्शन हो।
– पहले किसी अन्य सोलर सब्सिडी का लाभ न लिया हो।[]
लाभ
– बिजली बिल में बचत: 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और अधिशेष बिजली को ग्रिड में बेचकर आय अर्जन।
– पर्यावरण संरक्षण: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन में कमी।
– रोजगार सृजन: सोलर पैनल की स्थापना, विनिर्माण और रखरखाव में तकनीकी कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।
बस्तर में जीएस सर्विसेज की पहल
जीएस सर्विसेज का क्षेत्रीय कार्यालय बस्तर संभाग में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय समुदाय को सौर ऊर्जा के लाभों से जोड़ना और उन्हें सब्सिडी प्राप्त करने में सहायता करना है। यह पहल न केवल बिजली बिलों में कमी लाएगी, बल्कि क्षेत्र में हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
विराट पावर की संभावित सेवाएँ और उत्पाद

“The Solar Advantage with Virat Power” से स्पष्ट है कि कंपनी सौर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न समाधानों पर काम कर रही है। कुछ संभावित क्षेत्र जो कंपनी के कार्यक्षेत्र में शामिल हैं,
सौर पैनल निर्माण और आपूर्ति: विराट पावर उच्च दक्षता वाले मोनोक्रिस्टलाइन या पॉलीक्रिस्टलाइन सौर पैनलों का निर्माण या आपूर्ति कर सकती है, जो आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए उपयुक्त हों।
इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाएँ: कंपनी सौर ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन, स्थापना और कमीशनिंग में शामिल हो सकती है, जैसा कि भारत में कई अन्य सौर ऊर्जा कंपनियाँ करती हैं।
ऑपरेशन और रखरखाव (O&M): सौर ऊर्जा संयंत्रों के सुचारू संचालन और दीर्घकालिक दक्षता सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव सेवाएँ प्रदान की जा सकती हैं।
ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड सिस्टम: उन क्षेत्रों के लिए जहां ग्रिड कनेक्शन सीमित है, विराट पावर बैटरी स्टोरेज के साथ ऑफ-ग्रिड सौर प्रणालियाँ प्रदान करती है।
सौर जल तापन और स्ट्रीट लाइटिंग: कंपनी सौर जल तापन प्रणालियाँ और सौर-संचालित स्ट्रीट लाइट्स जैसे नवाचारों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकती है, जो भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
भारतीय सौर ऊर्जा क्षेत्र में विराट पावर की स्थितिभारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, और सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बनाई है। इस संदर्भ में, विराट पावर जैसे उभरते खिलाड़ी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
