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Thursday, March 12, 2026
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छत्तीसगढ़ में चार लाख 11 हजार 452 राशनकार्डधारी गायब, अब इस माह ने नहीं मिलेगा राशन

रायपुर
छत्तीसगढ़ में चार लाख 11 हजार 452 राशनकार्डधारी गायब हैं, जिनमें से राजधानी रायपुर में 62 हजार लोग शामिल हैं। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर के बाद ऐसे राशनकार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे और इन कार्डधारियों के लिए चावल का आवंटन नहीं होगा। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में कुल 6 लाख 1 हजार 735 राशनकार्डधारियों में से 62 हजार 966 का कोई अता-पता नहीं है। प्रदेश में पिछले आठ महीनों से राशनकार्ड का सत्यापन चल रहा है, लेकिन 4 लाख 11 हजार 452 कार्डधारियों ने बार-बार अपील करने के बावजूद सत्यापन नहीं कराया।

इस बार खाद्य संचालनालय ने सत्यापन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई है, जिसके कारण अब तक प्रदेश में 94.69% और रायपुर में 89.45% कार्डधारियों ने सत्यापन कराया है। शासन ने सत्यापन कराने की अवधि को पांच बार बढ़ाया, फिर भी कई कार्डधारियों ने सत्यापन नहीं कराया, जिससे उन्हें अपात्र माना जाएगा और उनके राशनकार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रदेश में कुल 76 लाख 83 हजार 426 राशनकार्डधारी हैं, जिनमें से 71 लाख 1 हजार 332 के कार्ड प्रिंट हो चुके हैं। सत्यापन की प्रक्रिया राशन दुकानों और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चल रही है, जबकि नए राशनकार्ड नगरीय निकायों से वितरित किए जा रहे हैं। राशनकार्ड के सत्यापन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर तय की गई थी। शासन अब नई तारीख जारी नहीं की है। इसके बाद सत्यापन नहीं कराने वालों के कार्ड रद किए जाएंगे। भूपेंद्र मिश्रा, कंट्रोलर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग

जानकारी देना होगा अनिवार्य
यदि ऐसे कार्डधारी खाद्यान्न लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें अपनी जानकारी विभाग को देने के लिए कहा जाएगा। विभाग को आशंका है कि ये राशनकार्ड बोगस हो सकते हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बार कार्ड ब्लॉक होने के बाद सत्यापन न करने पर राशनकार्ड शुरू नहीं होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सत्यापन
आवेदन जमा न करने वाले क्षेत्रों की बात करें तो नगरीय निकायों में 79.19% आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 93% सत्यापन किया जा चुका है। राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए प्रचार-प्रसार के अलावा मुनादी भी कराई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लाखों परिवारों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है।