Google Analytics Meta Pixel
Movies

हर कलाकार को उसे मिलने वाले पारिश्रमिक को लेकर पुन: विचार करना चाहिए: करण जौहर

मुंबई,

 फिल्म निर्माता करण जौहर ने बॉलीवुड में बड़े सितारों के शुल्क को लेकर चल रही बहस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्मी कलाकारों को उनके काम के बदले दिए जाने वाले पारश्रमिक पर नए सिरे से विचार-विमर्श करने की जरुरत है क्योंकि उनमें से कई वास्तविकता से वाकिफ नहीं होते हैं।

हिंदी सिनेमा में हाल के महीनों में रिलीज हुईं कई बड़ी फिल्में अपेक्षा अनुरूप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। ऐसे में इन फिल्मों में कुछ नामचीन सितारों द्वारा लिए जाने वाले भारी-भरकम पारिश्रमिक और उनके सहायकों आदि पर होने वाले खर्च से फिल्म के बजट पर पड़ने वाले असर को लेकर बहस शुरू हो गई।

जौहर ने बुधवार को अपनी आगामी फिल्म ‘किल’ का ट्रेलर जारी किए जाने के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ”सितारों को उनके काम के बदले दिए जाने वाले शुल्क पर दोबारा से विचार करने की जरुरत है। सभी अभिनेताओं के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि समय कैसा है और हमारी फिल्मों का माहौल कैसा है।”

जौहर ने कहा, ”हर एक फिल्मी कलाकार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे कितना शुल्क ले रहे हैं क्योंकि कई बार कुछ निर्माता ऐसे होते हैं जो फिल्म बनाने के लिए सितारों की मांग के अनुरूप उन्हें पैसों का भुगतान कर देते हैं, लेकिन अंततः इससे पूरे तंत्र को बहुत नुकसान होता है।”

करण जौहर के मुताबिक, अभिनेताओं-अभिनेत्रियों के साथ उनके सहायकों को पारिश्रमिक देना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, हालांकि इससे फिल्म निर्माण की कुल लागत बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा, ”असली मुद्दा लागत का है। इसलिए उन्हें लाभ प्रतिशत का कुछ हिस्सा दिए जाने जैसी चीजों पर विचार करना होगा…जो कि संभव है। लेकिन हर अभिनेता को अपने भीतर झांकना होगा क्योंकि उनमें से बहुत से लोग वास्तविकता से वाकिफ नहीं होते हैं।”