Friday, January 23, 2026
news update
Big news

सौम्या की प्रापर्टी पर ईडी का पहरा… 50 से ज्यादा प्रापर्टी अटैच कर दिया…

Getting your Trinity Audio player ready...

इम्पेक्ट न्यूज। रायपुर।

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्ववर्ती सरकार में पॉवरफुल ब्यूरोक्रेट रहीं सौम्या चौरसिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोल घोटाले के आरोप के बाद जेल में बंद सौम्या से संबंधित 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी अटैच कर दिया है। इस संबंध में उनके घर में बोर्ड लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अटैच की गई संपत्तियों में सौम्या चौरसिया का भिलाई स्थित सूर्या अपार्टमेंट का निवास भी है।

पिछली कांग्रेस सरकार में ताकतवर और प्रभावशाली अफसर रहीं सौम्या चौरसिया पूर्व CM भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी भी रह चुकी हैं। उन्हें कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे सेंट्रल जेल रायपुर में बंद हैं।

सौम्या चौरसिया पर आरोप ?

ED ने छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपए की अवैध उगाही को लेकर जांच शुरू की थी। जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था। इस लेवी से हासिल राशि से चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गईं, जिनमें कई बेनामी भी हैं।

ED ने इस मामले में सूर्यकांत तिवारी, कोल वॉशरी संचालक सुनील अग्रवाल, IAS समीर बिश्नोई, IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया समेत अन्य को अलग-अलग तारीखों पर गिरफ्तार किया था। ED का आरोप है कि ये स्कैम करीब 500 करोड़ रुपए का था।

प्रापर्टी अटैचमेंट की प्रक्रिया?

ED जब किसी संपत्ति को अटैच करती है तो प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत करती है। प्रॉपर्टी अटैचमेंट काले धन या धन की अनियमितता में कार्रवाई की शुरुआती प्रक्रियाओं में तब होती है, जब ED के पास ऐसा करने के समुचित कारण मौजूद होते हैं।

ED जब कोई प्रॉपर्टी अटैच करती है तो उसका मतलब ये नहीं होता कि उसका इस्तेमाल नहीं हो सकता। उसका व्यक्तिगत या कॉमर्शियल इस्तेमाल हो सकता है। उसकी खरीद-फरोख्त या उस संपत्ति का किसी के नाम पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।

error: Content is protected !!