Saturday, January 24, 2026
news update
Madhya Pradesh

उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं के प्रभाव से मध्य प्रदेश में सर्दी के तेवर और तीखे

भोपाल
उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं के प्रभाव से मध्य प्रदेश में सर्दी के तेवर और तीखे हो गए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के 12 शहरों में शीतलहर और छह शहरों में तीव्र शीतलहर चली। सबसे कम दो डिग्री सेल्सियस तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी में दर्ज किया गया। पचमढ़ी सहित आठ शहरों में रात का पारा पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सीधी में शीतल दिन रहा। राजधानी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस पर रहा। यह 10 वर्ष में दिसंबर का दूसरी बार सबसे कम तापमान हैं। इसके पहले वर्ष 2021 में भोपाल का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का इस तरह का मिजाज अभी बने रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को राजगढ़, रतलाम, उमरिया, मंडला, सिवनी, गुना, नर्मदापुरम, बड़वानी, नीमच, अनूपपुर, शिवपुरी, सिंगरौली में शीतलहर का प्रभाव रहा।

इन शहरों का तापमान पांच डिग्री से कम
भोपाल, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, शहडोल एवं जबलपुर में तीव्र शीतलहर रही। पचमढ़ी, रायसेन, भोपाल, राजगढ़, उमरिया, नौगांव, मंडला एवं जबलपुर में रात का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से कम रहा।

उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम
वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम (12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिम से पूर्व की तरफ 222 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं का चलना) बना हुआ है। अंडमान में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है।

पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान हुआ कम
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान काफी कम है। वहीं से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठंड के तेवर तीखे बने हुए हैं। अभी दो-तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।

error: Content is protected !!