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सराहनीय पहल : रोड एक्सीडेंट में गई बेटी की जान तो तेरहवीं शांति भोज पर परिजनों ने बांटे 40 हेलमेट…

इम्पैक्ट डेस्क.

हेलमेट को लेकर सरकार और अदालते सख्त है बावजूद इसके लोग बाइक चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते। कोर्ट ने तो अब बाइक पर पीछे बैठने वाले सवार के लिए भी हेलमेट अनिवार्य कर दिया है लेकिन लोग भी फिर भी बगैर हेलमेट के रफ्तार भर रहे हैं। लेकिन हेलमेट न पहनने के चलते रोड एक्सीडेंट में बेटी की मौत हो गई तो परिजनों ने तेरहवीं पर नई मिसाल पेश की। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले  ग्राम झिरन्या में बीते दिनों एक युवती अपने भाई के साथ बाइक पर जा रही थी। रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। जिसमें पीछे बैठी युवती के सर पर चोट आई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने युवती के परिजनों परइतना प्रभाव डाला की उन्होंने युवती की  तेरहवीं पर मृत्यु भोज न देकर लोगों का जीवन बचाने के लिए 40 हेलमेट बांटकर लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने का संदेश दिया ताकि अन्य लोगों की जान बच सके।

झिरन्या में  40 साल की दिव्यांग युवती की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिजनो का मानना है कि सफर के दौरान बाइक सवार सहित खुद भी हेलमेट पहने होता, तो शायद लड़की की मौत नहीं होती। भविष्य में किसी ओर मां की कोख सूनी न हो , किसी भाई की बहन और पिता की बेटी और किसी के घर का चिराग न बुझे , इसलिए  परिजनों ने समाज में संदेश देने के लिए मृत्यु भोज न करवाते हुए युवती की तेहरवीं पर हेलमेट बांटे।

परिजन मंगलेश पंवार ने बताया कि उनकी बहन रेखा अविवाहित दिव्यांग थी। परिवार को आर्थिक मदद के लिए सिलाई का काम करती थी। सिलाई मशीन खराब होने पर सुधरवाने के लिए भाई के साथ सिलाई मशीन लेकर बाइक से खंडवा जा रही थी। ग्राम आभापुरी के समीप वाहन के सामने अचानक जानवर आने से रेखा का संतुलन बिगड़ गया जिसके चलते गिरने से सिर पर गंभीर चोट आई। उसे खंडवा सरकारी हॉस्पिटल लाया गया। हालत गंभीर होने से इंदौर एम वाई हॉस्पिटल के लिए रेफर किया, जहा इलाज के दौरान रेखा की मौत हो गई। परिजनों ने मृत्यु भोज नहीं करवाते हुए रेखा की तेरहवीं के कार्यक्रम में 40 हेलमेट बांटे। रेखा के भाई मंगलेश पंवार  का कहना हैं  कि  परिवार के सदस्य को सड़क दुर्घटना में खोया एवं दुर्घटना में मृत्यु का कारण सर पर चोट लगना था। अगर रेखा ने हेलमेट पहना होता तो शायद आज वह जिंदा होती।