Saturday, January 24, 2026
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CG : सेंट्रल जेल से पैरोल पर छूटा कैदी हुआ फरार… बच्चों के अपहरण के केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था कैदी…

इम्पैक्ट डेस्क.

बिलासपुर स्थित केंद्रीय जेल के गेट से एक कैदी फरार हो गया। वह 18 दिन के पैरोल पर अपने गांव गया था। शुक्रवार को उसकी जेल में वापसी होनी थी। देर शाम तक जब वह वापस जेल नहीं पहुंचा, तब प्रबंधन ने उसके परिजनों को कॉल किया। इस दौरान परिजनों ने बताया कि अभी उसे जेल के गेट तक पहुंचाकर लौटे हैं। इसके बाद पता चला कि वह जेल के गेट से अंदर जाने के बजाए फरार हो गया है। जेल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। फरार कैदी मुंगेली का रहने वाला है और दो स्कूली बच्चों के अपहरण के केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

पुलिस के अनुसार मुंगेली जिले के करही निवासी अनिल कुमार पाठे (30) को 2018 में अपहरण के केस में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह केंद्रीय जेल में सजा काट रहा है। उसके जेल में रहते हुए परिजनों ने उसे पैरोल पर छोड़ने की मांग की थी। इसके बाद जेल महानिदेशक के आदेश पर अनिल को 11 जुलाई को 18 दिन के पैरोल पर छोड़ा गया था।

शाम तक पहुंचना था जेल वापस
वह 28 जुलाई तक पैरोल में था। लिहाजा, उसे शुक्रवार की शाम को जेल लौटना था। देर शाम तक वह जेल नहीं पहुंचा, तब जेल प्रबंधन ने उसके परिजनों को कॉल किया और अनिल पाठे के जेल वापसी की जानकारी मांगी। परिजनों ने जो जवाब दिया उसे सुनकर जेल प्रबंधन भी हैरान रह गया।

परिजनों ने जेल प्रबंधन को बताया कि शुक्रवार की शाम उसे केंद्रीय जेल के गेट तक छोड़कर आए थे। उनकी बातों को सुनकर जेल प्रबंधन ने CCTV कैमरा खंगाला। तब, जेल गेट के पास से कैदी के फरार होने की बात सामने आई। दरअसल, परिजन उसे गेट तक छोड़ने के बाद घर लौट गए। इधर, परिजनों के जाने के बाद अनिल जेल के अंदर जाने के बजाए गेट से ही फरार हो गया। शुक्रवार की रात जेल के मुख्य प्रहरी श्रीधर कुमार ने उसके फरार होने की शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

ड्रीमलैंड स्कूल के दो बच्चों का किया था अपहरण
सरकंडा के जबड़ापारा में रहने वाले मेडिकल स्टोर संचालक विनोद केशरवानी के दो बेटे हर्ष और विक्की ड्रीमलैंड स्कूल में पढ़ते थे। उनकी दुकान के सामने ही एक युवक आकाश यादव मुंगफल्ली का ठेला लगाता था। उससे हर्ष और विक्की की पहचान थी। आकाश ने हर्ष और विक्की के अपहरण की योजना बनाई थी। इसके बाद अपने साथियों के साथ दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया। जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने मेडिकल स्टोर संचालक पिता को फोन कर दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। इसकी शिकायत पर पुलिस बच्चों की तलाश कर रही थी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर अपहरणकर्ताओं ने दोनों बच्चों को रुपए देकर बस में बैठा दिया और बच्चे मंगला चौक में सुरक्षित उतर गए थे। पुलिस ने अपहरण के केस में अनिल और आकाश समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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