Friday, January 23, 2026
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छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार: तीन नए मंत्री लेंगे शपथ, कल सुबह होगा समारोह

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इम्पेक्ट न्यूज। रायपुर:

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में बुधवार, 20 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजे राजभवन में शपथग्रहण समारोह होगा, जिसमें तीन नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। यह कदम भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद सरकार को और मजबूत करना और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों व समुदायों को प्रतिनिधित्व देना है।

छह महीने की अटकलों का अंत
पिछले छह महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें लग रही थीं। खासकर 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यह चर्चा और तेज हो गई थी, जब वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल रायपुर से सांसद चुने गए और उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। इससे मंत्रिमंडल में एक पद खाली हो गया था। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में अधिकतम 14 मंत्रियों की नियुक्ति हो सकती है, और अभी केवल 11 मंत्री हैं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए बीजेपी ने लंबे समय तक विचार-विमर्श किया और अब तीन नए चेहरों को मौका देने का फैसला लिया गया है।

कौन होंगे नए मंत्री?
हालांकि आधिकारिक तौर पर मंत्रियों के नामों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक गजेंद्र यादव (दुर्ग शहर), गुरु खुशवंत साहेब (आरंग), और राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर) के नाम सबसे आगे हैं। इसके अलावा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव का नाम भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि वह अपने पद से इस्तीफा देकर मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। नए मंत्रियों का चयन इस तरह किया गया है कि सरगुजा, बस्तर और रायपुर जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिले।

क्यों अहम है यह विस्तार?
यह मंत्रिमंडल विस्तार कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह सरकार को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। नए मंत्रियों को शिक्षा, स्वास्थ्य या अन्य महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जा सकते हैं। दूसरा, बीजेपी इस विस्तार के जरिए स्थानीय निकाय चुनावों और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों जैसे सरगुजा और बस्तर में पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी समुदाय से हैं, इसलिए इन क्षेत्रों को विशेष तवज्जो दी जा रही है।

क्या होगा असर?
नए मंत्रियों के आने से सरकार की कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी हो सकता है। हालांकि, मंत्रिमंडल में केवल तीन नए चेहरों को शामिल करने से कुछ बीजेपी विधायकों में नाराजगी की आशंका भी है, क्योंकि कई नेता मंत्रिपद की दौड़ में थे। बीजेपी को इन नेताओं को मनाने की चुनौती होगी।

शपथग्रहण की तैयारियां जोरों पर
राजभवन में शपथग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस समारोह की तारीख तय हुई। आम जनता और राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग मिलेंगे और यह विस्तार सरकार के कामकाज को कितना प्रभावी बनाएगा।

आम जनता के लिए इसका मतलब
इस मंत्रिमंडल विस्तार से छत्तीसगढ़ के लोगों को उम्मीद है कि सरकार विकास कार्यों को और तेजी से लागू करेगी। खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। नए मंत्रियों के जरिए बीजेपी इन क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगी।

 

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