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Bihar Elections 2025: फिर जीतेगा NDA, मांझी-चिराग और उपेंद्र की रणनीति तैयार

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चार प्रमुख सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और चुनावी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का आयोजन बीजेपी नेता संजय जासवाल के आवास पर किया गया, जिसमें जेडीयू नेता संजय झा भी शामिल हुए।

225 सीटों पर जीत का दावा
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में NDA की बड़ी जीत तय है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन को 225 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव की तैयारियों पर आगे पटना में विस्तृत चर्चा की जाएगी। NDA की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा।

सीट शेयरिंग और रणनीति पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बैठक का कोई खास उद्देश्य नहीं था, लेकिन यह चुनावी वर्ष होने के कारण रणनीतियां तय करने का समय है। उन्होंने कहा, हम चुनाव में किस सोच के साथ जाएंगे, सरकार की उपलब्धियां जनता के बीच कैसे रखी जाएंगी, और सीट शेयरिंग समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। NDA इस बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और 225 से अधिक सीटों पर जीत सुनिश्चित होगी।

एनडीए के सामने कोई गठबंधन नहीं टिकेगा
आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बैठक को NDA की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, यह एक आपसी विचार-विमर्श का कार्यक्रम था। चुनावी वर्ष में जब राजनीतिक दलों के नेता मिलते हैं, तो चुनाव को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। हम सभी चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। बिहार में NDA की स्थिति बेहद मजबूत है और हमारे सामने कोई अन्य गठबंधन टिकने वाला नहीं है। सभी चीजें तय हैं और इसी आधार पर हम चुनाव जीतेंगे।

आगे की रणनीति पर मंथन जारी
बैठक में शामिल नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि बिहार चुनाव को लेकर आगे पटना में विस्तृत बैठक होगी, जहां सीटों के बंटवारे और चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिहार में NDA सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। बिहार में सत्तारूढ़ NDA के नेताओं का यह आत्मविश्वास बताता है कि वे आगामी चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल महागठबंधन इस चुनौती का किस तरह सामना करते हैं।