Google Analytics Meta Pixel
Wednesday, March 11, 2026
news update
Madhya Pradesh

भोपाल फ्लाईओवर विवाद: HC में रिपोर्ट पेश, ब्रिज की ढलान 90 नहीं बल्कि 119 डिग्री, अगली सुनवाई 17 सितंबर

भोपाल 

हाईकोर्ट में भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र स्थित फ्लाईओवर ब्रिज को लेकर महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की गई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के प्रोफेसर ने जांच रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ब्रिज का मोड़ 90 डिग्री नहीं, बल्कि 118 से 119 डिग्री के बीच है।

याचिकाकर्ता मेसर्स पुनीत चड्ढा की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी कंपनी को बिना सुनवाई का अवसर दिए सरकार ने ब्लैकलिस्ट कर दिया। याचिका में कहा गया कि फ्लाईओवर निर्माण का ठेका 2021-22 में कंपनी को मिला था और कार्य सरकारी एजेंसी द्वारा जारी जीएडी (जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग) के आधार पर किया गया। बाद में 2023 और 2024 में जीएडी में संशोधन भी किया गया।

गौरतलब है कि ब्रिज में 90 डिग्री का मोड़ होने की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने पाया कि मोड़ वाले हिस्से के नीचे से रेलवे ट्रैक गुजरता है और राज्य सरकार तथा रेलवे विभाग के बीच समन्वय की कमी रही। साथ ही, ब्रिज के खंभे भी निर्धारित दूरी पर नहीं लगाए गए थे।

हाईकोर्ट ने प्रोफेसर को ब्रिज की तकनीकी जांच का जिम्मा सौंपा था और इसके लिए याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये फीस देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता का दावा सही पाया जाता है तो वह फीस की राशि वसूलने का हकदार होगा। साथ ही, फिलहाल कंपनी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई को निरस्त करने के लिए समय मांगा। युगलपीठ ने यह आग्रह स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ कुमार शर्मा और प्रवीण दुबे ने पैरवी की।