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Wednesday, March 11, 2026
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Madhya Pradesh

भोपाल प्रशासन HMPV वायरस से निपटने के लिए अलर्ट, आइसोलेशन वार्ड-वेंटिलेटर समेत तैयारी पूरी

भोपाल
कोविड के बाद अब HMPV का खतरा देश में बढ़ गया है. देश के कई राज्यों में संक्रमण धीरे धीरे फैल रहा है. मध्य प्रदेश भी इसको लेकर पूरी तरह अलर्ट है. प्रदेश के  सीएम मोहन यादव ने वायरस के खिलाफ तैयारियों को लेकर बैठक भी ली. इसी के तहत एम्स ने आइसोलेशन वॉर्ड, वेंटिलेटर और बेड तैयार किए हैं. RT-PCR टेस्टिंग के लिए भी अस्पताल प्रबंधन तैयार है.

कोरोना वायरस की तरह है HMPV के लक्षण
एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ) वायरस की अभी फिलहाल कोई वैक्‍सीन नहीं है. HMPV वायरस सामान्य वायरस है.ये वायरस सभी उम्र के लोगों में फैल रहा है. HMPV वायरस का ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर हो रहा है. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर वायरस आसानी से फ़ैल रहा है.
वायरस काफी हद तक कोरोना वायरस की तरह है और इसके लक्षण भी कोरोना जैसे ही हैं, कुछ आम लक्षण जैसे नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, खांसी, बुखार या फिर ठंड से शरीर में कंपकपी लगने लगती है.

देश में बच्चे हो रहे HMPV वायरस का शिकार
देश में वायरस से जुड़े कुल 07 मामले सामने आ चुके हैं. इसे लेकर के स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है. 6 दिसंबर को भारत में पहली बार एचएमपीवी संक्रमण का पहला मामला सामने आया है. कर्नाटक के बाद तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र में भी संक्रमित और कुछ संदिग्धों की पहचान हुई है. नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान हुई. ये वायरस ज्यादातर 14 साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों को प्रभावित कर रहा है. भारत में सामने आए ज्यादातर मामले में बच्चों में संक्रमण पाया गया है.

बचाव के लिए क्या करें उपाय?
एचएमपीवी से बचने सावधानी बरतने की जरूरत है. संक्रमण के लक्षण होने पर डॉक्टर्स से सलाह लें. इसके लिए हाथों को साफ़ करते रहे. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने पर मास्क का इस्तेमाल करें. खांसी या छींक आने पर तो मुंह और नाक को टिशू से ढंक लें. फ़िलहाल डॉक्टर्स का कहना है कि ये वायरस बहुत ज़्यादा गंभीर वायरस नहीं है. ये ज्यादातर कम उम्र के बच्चों,बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वालों को अपना शिकार बना रहा है.