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Tuesday, March 10, 2026
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Madhya Pradesh

आयुर्वेदिक दवा निर्माता निराश: कोर्ट ने FIR खारिज करने की याचिका ठुकराई

ग्वालियर
बिना लाइसेंस के नकली आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने और बेचने वाले आरोपितों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ से राहत नहीं मिली है। एकलपीठ ने एफआईआर रद्द करने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा दर्ज अपराध प्रथम दृष्टया संज्ञेय हैं और जांच पूरी तरह वैध है।

नकली आयुर्वेदिक दवाइयां बनाए जाने की शिकायतें मिली
दरअसल, थाना जनकगंज पुलिस को लंबे समय से अपने क्षेत्र में बिना औषधि लाइसेंस के नकली आयुर्वेदिक दवाइयां बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच के बाद विशेष टीम गठित कर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई में भारत सिंह कुशवाह, संतोष कुशवाह एवं विशाल सांखला द्वारा संचालित शिवम् फार्मेसी (नेहरू पेट्रोल पंप के पास, लक्ष्मीगंज, जनकगंज) के परिसर से बड़ी मात्रा में नकली आयुर्वेदिक औषधियां बरामद की गईं।
 
जान को खतरे में डालने का गंभीर अपराध
इनमें “एडवांस ग्रोथ पाउडर”, “हाजमा चूर्ण हेल्थ बूटी” और “एक्टिव बॉडी ग्रोथ प्रोटीन पाउडर” जैसी दवाइयां शामिल थीं। जांच में पाया गया कि ये दवाइयां बिना किसी वैध लाइसेंस, फर्म का नाम, पता या बैच नंबर अंकित किए तैयार की जा रही थीं, जिससे मरीजों की जान को खतरे में डालने का गंभीर अपराध किया जा रहा था। पुलिस द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी आरोपी ड्रग कंट्रोलर, भोपाल से जारी वैध औषधि निर्माण लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।
 
मौके पर बुलाए गए आयुष अधिकारी
मंगल सिंह यादव की उपस्थिति में दवाइयों के नमूने एकत्र किए गए और शेष माल जब्त कर एफआईआर दर्ज की गई। यह अपराध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा कापीराइट एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत किया गया। जांच के दौरान आरोपी विशाल सांखला ने बयान में स्वीकार किया कि वह भारत सिंह कुशवाह एवं संतोष कुशवाह द्वारा निर्मित नकली दवाइयों को शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स पर सप्लाई करता था।