Saturday, January 24, 2026
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अमित शाह: मोदी सरकार में भारत की अर्थव्यवस्था हुई मजबूत, बैंकिंग सेवाएँ गरीबों तक पहुँची

मुंबई

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के विश्लेषक भारत की विकास गाथा को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में हुए सुधारों को ऐतिहासिक बताया। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में उन सुधारों की शुरुआत की, जो वर्षों तक भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता से ग्रसित रहा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए।

शाह ने बताया कि बीते दस वर्षों में देश में 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए। इसका उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच दिलाना था। उन्होंने कहा कि इससे देश की आर्थिक संरचना मजबूत हुई। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) की जानकारी को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया। इससे न केवल बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार आया बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा।

भारत की छवि मजबूत हुई
उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर और सुधारों ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को मजबूती दी है। अब दुनिया भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और तेजी से विकास करेगा और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।

जीएसटी पर क्या बोले शाह?
शाह ने जीएसटी सुधारों पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी की पार्टी इसे अपना विचार बताती रही, लेकिन उनकी सरकार राज्यों को 14% वृद्धि की गारंटी नहीं दे पाई। मोदी सरकार ने यह भरोसा दिलाकर इसे लागू किया। गृह मंत्री ने आगे कहा कि ग्रीन ग्रोथ और रक्षा उत्पादन भारत की विकास यात्रा के प्रमुख कारक होंगे। उन्होंने बैंकों से कहा कि भारतीय बैंक अब वैश्विक शीर्ष बैंकों में शामिल होने के लिए पैमाना बदलें।

भारत-अमेरिका वार्ता पर भी बोले शाह
इस दौरान शाह ने भारत-अमेरिकी वार्ता पर भी अपनी बात कई बाते रखी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका वार्ता अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह में इसका परिणाम सबके सामने होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती और सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके साथ ही शाह ने ‘मेक इन इंडिया’ और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने की बात करते हुए कहा कि यह भारत को निर्माण केंद्र बनाने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने यूपीआई को डिजिटल क्रांति की धुरी बताया।

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