Google Analytics Meta Pixel
International

अफगान सीमा के तनाव के बीच बलूचिस्तान में बड़ा सुरक्षा संकट, गैस पाइपलाइन धमाके से हड़कंप

बलूचिस्तान 
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे का युद्धविराम लागू है। दूसरी तरफ बलूचिस्तान में अशांति थमने का नाम नहीं ले रही। बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने धादर इलाके में एक पुलिस गश्ती दल को बंधक बनाने की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बीएलएफ ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने धादर में पुलिस अधिकारियों को बंधक बना लिया, जबकि बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने एक धमाके की जिम्मेदारी ली, जिसमें सुई और काशमोर के बीच स्थित महत्वपूर्ण गैस पाइपलाइन को भारी क्षति पहुंची।

द बलूचिस्तान पोस्ट (टीबीपी) के मुताबिक, बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाराम बलूच के बयान से पता चलता है कि लड़ाकों ने शाम करीब 5 बजे धादर के अल्लाह यार शाह इलाके में पुलिस गश्ती दल का सामना किया। बयान में कहा गया कि गश्ती दल को घेर लिया गया, अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया, उनके हथियार छीन लिए गए और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।

बीएलएफ प्रवक्ता ने आगे बताया कि शुरुआती पूछताछ से यह सामने आया कि बंधक अधिकारी बलूच समुदाय या राष्ट्रीय आंदोलन के खिलाफ कोई कार्रवाई में शामिल नहीं थे, इसलिए उन्हें बिना किसी हानि के रिहा कर दिया गया। टीबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने इस ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी ली है।

वहीं, बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने बताया कि संगठन ने डेरा बुगती के सुई इलाके से कराची तक जाने वाली 36 इंच व्यास वाली गैस पाइपलाइन पर सुई और काशमोर के बीच रातभर विस्फोटक लगाए, जिससे भारी तबाही हुई। बीआरजी के बयान में स्पष्ट किया गया कि यह हमला उनके सतत अभियान का हिस्सा है, जो तब तक चलेगा जब तक राजनीतिक मांगें पूरी न हो जाएं।