Saturday, January 24, 2026
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वंदे भारत ट्रेनों के बाद अब देश के कई बड़े शहरों में वंदे भारत मेट्रो चलाने की तैयारी, पहली झलक भी सामने आ चुकी

कपूरथला
वंदे भारत ट्रेनों के बाद अब देश के कई बड़े शहरों में वंदे भारत मेट्रो (Vande Bharat Metro) चलाने की तैयारी है। वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की पहली झलक भी सामने आ चुकी है। इस खास मेट्रो ट्रेन का ट्रायल इसी साल साल जुलाई से किया जाएगा। पंजाब के कपूरथला में एक रेल कोच फैक्ट्री ने वंदे भारत मेट्रो के पहले कुछ डिब्बे बनाकर तैयार कर दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में ऐसी 50 ट्रेनें बनाई जाएंगी और धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाकर 400 की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि रेंज के मामले में वंदे भारत मेट्रो ट्रेनें 100 किमी से लेकर 250 किमी के बीच चलाई जाएंगी। इसमें डिफॉल्ट कॉन्फिगरेशन के रूप में 12 कोच होंगे, लेकिन इसे 16 कोच तक बढ़ाया जा सकता है।

बता दें कि वंदे भारत देश की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है जिसे 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी के बीच हरी झंडी दिखाई गई थी। आज 102 वंदे भारत ट्रेन 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 284 जिलों से होकर 100 मार्गों पर चलती हैं।

मुंबई लोकल ट्रेन की जगह आएगी, सुरक्षित वंदे भारत मेट्रो
मुंबई की लोकल ट्रेनों को अगले तीन से चार साल के भीतर वंदे भारत मेट्रो ट्रेन सेट से बदल दिया जाएगा। इससे मुंबई में हर रोज यात्रा करने वाले यात्रियों को मेट्रो की तर्ज पर एसी और एवं स्वचालित गेट वाली सुरक्षित सेवा मिलेगी। रेलवे बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कपूरथला स्थिति रेल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत मेट्रो ट्रेन का पहला रैक करीब -करीब तैयार है। सूत्रों के अनुसार वंदे भारत मेट्रो के 50 रैक बनने के बाद 400 और रैक के निर्माण का आर्डर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के 12 बड़े एवं मझोले नगरों के बीच वंदे भारत मेट्रो से दैनिक यात्रा की सुविधा मिलेगी।

वंदे भारत मेट्रो ट्रेन 12 कोच वाला ट्रेन सेट होगा जिसे आवश्यकता पड़ने पर 16 कोच का बनाया जा सकता है। यह कुछ सेकेंड में तेज स्पीड पर दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन होगी। इसे औसतन सौ सवा सौ किलोमीटर की दूरी वाले दो प्रमुख स्टेशनों के बीच कई फेरों में चलाने की योजना है। सूत्रों ने कहा कि आगे चल कर मुंबई, कोलकाता, चेन्नई आदि महानगरों में उपनगरीय सेवाओं में चलने वाली गाड़ियों को वंदे भारत मेट्रो में बदला जा सकता है जिससे दैनिक यात्रियों को तेज स्पीड वाली ट्रेन सुविधा मिल सकेगा।

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