Google Analytics Meta Pixel
Thursday, March 12, 2026
news update
National News

रेलवे के सीनियर अधिकारी ने कहा- 16 से 22 जनवरी तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी, 10 ट्रेनें रद्द, 35 के रूट में बदलाव

अयोध्या
अयोध्या के राम मंदिर 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस समारोह के बाद भारी संख्या में लोगों के राम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए भक्तों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे की ओर से कई सारे कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ट्रेन की पटरियों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम जारी है। रेलवे के सीनियर अधिकारी ने सोमवार को कहा कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर हो रहा है। इसके कारण 16 से 22 जनवरी तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान कितनी ट्रेनें रद्द की जाएंगी और कितनों के रूट में बदलाव किया जाएगा।

रेलवे ऑफिसर ने बताया, '16-22 जनवरी के बीच वंदे भारत समेत 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। दून एक्सप्रेस सहित 35 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, 14 अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ेगा।' उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने इसे लेकर और अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या कैंट से आनंद विहार तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को पहले चल रहे कार्यों के लिए 15 जनवरी तक रद्द कर दिया गया था। अब यह रद्दीकरण को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। रेलवे अधिकारी ने कहा कि अभिषेक समारोह के लिए अयोध्या रेलवे खंड का दोहरीकरण बेहद प्राथमिकता पर किया जा रहा है।

अयोध्या धाम जंक्शन का शानदार वास्तुशिल्प
दूसरी ओर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अयोध्या और पुरी रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास परियोजनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन संस्कृति और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा है। सांस्कृतिक विरासत वाले क्षेत्र के तौर पर इसका संरक्षण और प्रोत्साहन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश में अयोध्या धाम जंक्शन का वास्तुशिल्प, अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के अनुरूप है जबकि पुरी स्टेशन प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के वास्तुशिल्प को प्रदर्शित करेगा। वैष्णव ने कहा, 'आप रेलवे स्टेशन को शहर की पहचान के साथ जितना जोड़ेंगे यह उतना बेहतर होगा। विकास इस तरह का होना चाहिए कि उसकी सांस्कृतिक विरासत को भी बनाए रखा जाए। इनका सरंक्षण होना चाहिए और यह प्रतिबिंबित होना चाहिए।'