
शेयर बाजार में हाहाकार, 2300 प्वाइंट्स से ज्यादा गिरा Sensex, हर सेक्टर में भारी गिरावट
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बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली।
बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से 9 मार्च को भारतीय शेयर बाजार जोरदार गिरावट के साथ खुला, जिसमें निफ्टी 24000 से नीचे आ गया। सेंसेक्स 78,918.90 के मुकाबले 77,056.75 पर खुलने के बाद करीब साढ़े 9 बजे 2426.30 अंक या 3.07 फीसदी गिरकर 76,492.60 पर है। वहीं निफ्टी 24450.45 के मुकाबले 23,868.05 पर खुलने के बाद 732.80 अंक या 3 फीसदी टूटकर 23,717.65 पर है।
निफ्टी पर श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, L&T, अडानी पोर्ट्स बड़े लूजर्स में से हैं, जबकि ONGC और कोल इंडिया फिलहाल गेनर्स हैं।
शेयर बाजार में गिरावट का संकेत गिफ्ट निफ्टी से भी मिल रहा था, जो कि सुबह साढ़े 7 बजे 765.50 अंक या 3.11 फीसदी की जबरदस्त गिरावट के साथ 23810.50 पर था। निवेशकों की नजर वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर उनके असर पर है। साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बड़े ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट पर भी फोकस रहेगा।
बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें
ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर।
कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी।
अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर।
कच्चा तेल 10 दिन में 60% चढ़ा
ब्रेंट क्रूड आज 25% से ज्यादा चढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद से अब तक 10 दिन में कच्चा तेल करीब 60% महंगा हो चुका है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग के दौरान ये 100 डॉलर के पार निकला था।
जानकारों का मानना है कि तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। ये 5 से 6 रुपए लीटर तक महंगा हो सकता है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेल है।
