पंडो जनजाति के जमीन पर कब्जे का मामला… सीएम विष्णुदेव के निर्देश पर मामला दर्ज 20 को सुनवाई
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इम्पेक्ट न्यूज। रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत राजाकटेल बस्ती (ग्राम पंचायत माजा) में विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) पंडो आदिवासियों की जमीनों पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है।
यहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले पंडो जनजाति के लगभग 20 परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए कुछ मुस्लिम व्यक्तियों ने इनकी पट्टेदार या शासकीय पट्टे वाली जमीनों पर कब्जा कर लिया है।
आरोप है कि धमकी, शराब आदि के जरिए 50-100 रुपये के स्टांप पर लंबी अवधि की लीज बनाकर 1 से 5 एकड़ तक की जमीनों पर मकान बना लिए गए हैं, जिससे पंडो परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है और उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं।अंबिकापुर नगर निगम के भाजपा पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर मामले ने तूल पकड़ा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष निर्देश पर छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 170बी के तहत अवैध कब्जे और अनुसूचित जनजाति भूमि के अवैध अंतरण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सरगुजा कमिश्नर के निर्देश पर कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व टीम गठित कर मौके पर जांच कराई, जिसमें कब्जे की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने कब्जाधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मामले की सुनवाई 20 मार्च को तय की गई है, जहां कब्जेदारों को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। यदि कब्जा अवैध साबित हुआ तो बेदखली और भूमि मुक्त कराने की कार्रवाई संभव है।
यह मामला अनुसूचित क्षेत्रों में जनजाति भूमि सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है, जहां मुख्यमंत्री ने आदिवासी हितों की रक्षा पर बार-बार जोर दिया है।
