Friday, January 23, 2026
news update
Madhya Pradesh

खंडवा पुलिस ने नकली पुलिस बनकर लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस ने दो सदस्‍यों को किया गिरफ्तार

भोपाल 
खंडवा जिले के थाना पदमनगर पुलिस ने नकली पुलिस बनकर लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह गिरोह मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी नकली पुलिस बनकर वारदातों को अंजाम देते थे।

दिनांक 12 नवंबर को फरियादी हसमतराय गुरवानी (उम्र 65 वर्ष) निवासी कावेरी स्टेट, थाना पदमनगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर उनसे सोने की एक चेन एवं दो अंगूठियां यह कहकर उतरवा लीं कि पास में लूट की घटना हुई है। विरोध करने पर फरियादी पर हमला कर फरार हो गए। इस संबंध में बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेन्द्र तारनेकर एवं सीएसपी खंडवा श्री अभिनव कुमार बारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा शहर एवं आवागमन मार्गों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिससे तीन संदिग्धों की पहचान की गई।

15 दिसंबर को संदिग्धों के फुटेज अन्य जिलों में प्रसारित किए गए। विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी नर्मदापुरम जिले के ईरानी गैंग से जुड़े हैं। इसके आधार पर पदमनगर पुलिस की टीम को नर्मदापुरम भेजा गया, जहाँ तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिरों की मदद से दो आरोपी गटरा उर्फ अप्पा हुसैन उर्फ अयान, पिता अफसर हुसैन, उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 32, ईदगाह मोहल्ला, थाना कोतवाली, जिला नर्मदापुरम तथा कासिम, पिता अफसर सैय्यद, उम्र 30 वर्ष निवासी ईदगाह मोहल्ला, नर्मदापुरम, मूल निवासी साई बाबा मंदिर के पीछे, अंबीवली मंगलनगर, कल्याण, मुंबई (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथी इकबाल हुसैन के साथ मिलकर उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया तथा लूटा गया माल उन्होंने अपने साथी इकबाल हुसैन को देना बताया। आरोपियों ने महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती एवं मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के शाहगंज क्षेत्र में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

आरोपियों द्वारा सुनियोजित तरीके से स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। वे अकेले या उम्रदराज राहगीरों को रोककर किसी हालिया अपराध या चेकिंग का हवाला देते हुए विश्वास में लेते थे। इसके बाद सुरक्षा जांच के बहाने पीड़ित से सोने के आभूषण उतरवाकर कागज में रखने को कहते थे। जैसे ही आभूषण उनके हाथ में आते, आरोपी मोटरसाइकिल से तेजी से फरार हो जाते थे।

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों एवं लूटे गए माल की बरामदगी हेतु आगे की कार्रवाई जारी है।

खंडवा पुलिस की यह कार्रवाई तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी एवं अंतरजिला समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने में दें।

 

error: Content is protected !!