Friday, January 23, 2026
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के पीछे महाभियोग प्रस्ताव पर विवाद…

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इम्पेक्ट न्यूज। नई दिल्ली।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ के इस्तीफे का कारण जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करने को लेकर सरकार के साथ मतभेद बताया जा रहा है। धनखड़ ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।

महाभियोग प्रस्ताव पर सरकार और धनखड़ में तनातनी

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल और जेपी नड्डा ने धनखड़ से कई बार संपर्क साधा था। मंत्रियों ने उनसे महाभियोग प्रस्ताव पर आम सहमति बनाने के लिए इंतजार करने का आग्रह किया था। सरकार चाहती थी कि प्रस्ताव में सत्तारूढ़ दल के सांसदों के हस्ताक्षर भी शामिल हों, ताकि इसे व्यापक समर्थन मिले। हालांकि, धनखड़ ने विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षरों के आधार पर प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार करने की घोषणा कर दी, जिससे सरकार नाराज हो गई।

सूत्रों के अनुसार, मॉनसून सत्र शुरू होने से चार-पांच दिन पहले रिजिजू ने धनखड़ को जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारियों की जानकारी दी थी। यह भी बताया गया था कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में समान प्रस्ताव लाया जाएगा। मॉनसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले भी रिजिजू ने धनखड़ को इसकी याद दिलाई थी।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात और सरकार की नाराजगी

रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ ने रविवार और सोमवार को विपक्षी नेताओं से मुलाकात की और जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा की। सोमवार सुबह तक यह स्पष्ट हो गया था कि धनखड़ ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से मुलाकात की और विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर स्वीकार करने की तैयारी कर ली थी। सरकार ने तीन बार धनखड़ से संपर्क कर सत्तारूढ़ दल के सांसदों को शामिल करने की बात कही, लेकिन धनखड़ ने इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया। लोकसभा के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, “सरकार पहले लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहती थी, ताकि यह उसकी सफलता के रूप में देखा जाए और न्यायपालिका को संदेश जाए। लेकिन धनखड़ ने यह श्रेय छीन लिया।”

धनखड़ ने शुरू किया सामान पैक करना

समाचार एजेंसी के अनुसार, धनखड़ ने मंगलवार को अपना सामान पैक करना शुरू कर दिया और जल्द ही उपराष्ट्रपति आवास खाली कर देंगे। पिछले साल अप्रैल में धनखड़ संसद भवन परिसर के पास चर्च रोड पर नवनिर्मित उपराष्ट्रपति आवास में स्थानांतरित हुए थे। शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि धनखड़ को लुटियंस दिल्ली या अन्य क्षेत्र में टाइप-8 बंगला आवंटित किया जाएगा, जो आमतौर पर वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों या राष्ट्रीय दलों के अध्यक्षों को दिया जाता है।

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और महाभियोग प्रस्ताव को लेकर सरकार के साथ तनाव ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि, इस मामले पर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। धनखड़ के इस कदम को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच तनाव बढ़ सकता है।

 

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