Saturday, January 24, 2026
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छत्तीसगढ़ में UP के 2 मजदूर जिंदा जले, निर्माण कैंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

 रायपुर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर में भारतमाला सड़क परियोजना के तहत शालीमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में रविवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने दो मजदूरों की जान ले ली।

हादसे में फरमान अली और शहदाब अली दम घुटने और आग की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले थे। तीसरा मजदूर बिलाल अली बाल-बाल बच गया। घटना ने दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा दिया है।

हादसे का भयावह मंजर

    रविवार शाम करीब 6:30 बजे बिलाल अली, फरमान अली और शहदाब अली कंटेनर के बाहर खाना बना रहे थे। अचानक बारिश शुरू होने पर तीनों गैस सिलिंडर को कंटेनर के अंदर ले गए। खाना बनाते समय सिलिंडर में रिसाव होने से आग फैल गई।
    सामने का दरवाजा सिलिंडर के पास होने और पीछे का दरवाजा बाहर से बंद होने से तीनों अंदर फंस गए। आग और धुएं से तीनों बेहोश होने लगे। बिलाल ने किसी तरह कंटेनर की खिड़की तोड़कर मदद के लिए आवाज दी, जिसके बाद लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। फरमान और शहदाब आग और धुएं की चपेट में आकर दम तोड़ गए।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू की। बिलाल को हल्की चोटें आईं। उसे प्राथमिक इलाज दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सिलिंडर लीकेज को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
परिवारों में मातम

    अमरोहा के कबीरपुर गांव निवासी फरमान और शहदाब के घरों में हादसे की खबर से कोहराम मच गया। फरमान तीन बच्चों के पिता थे। चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके एक भाई की पहले ही करंट लगने से मौत हो चुकी है।

    शहदाब अपने परिवार के मुखिया थे, जिनके पिता का पहले निधन हो चुका है। उनकी चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। गांव के आसिफ ने बताया कि दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। परिजन हादसे की खबर मिलते ही रायपुर के लिए रवाना हो गए।

पुलिस चौकी प्रभारी का बयान

ब्रजघाट पुलिस चौकी प्रभारी नितेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि युवकों की मौत की सूचना मिली है और स्वजन रायपुर पहुंच रहे हैं। पुलिस मामले की पूरी जानकारी जुटा रही है। हादसे ने निर्माण कैंपों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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