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Thursday, March 12, 2026
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मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज

 

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज के साथ ही इस काल्पनिक महागाथा का पांचवां चरण पूरा हो गया। साल 2008 से फिल्म ‘आयरनमैन’ की कहानी के साथ शुरू हुई इस महागाथा में फिल्म ‘एवेंजर्स एंडगेम’ (2019) ने इस मायने में बड़ा पूर्ण विराम लगाया कि ब्रह्माण्ड के सबसे शक्तिशाली खलनायक थानोस से लड़ते लड़ते इन एवेंजर्स न सिर्फ दुनिया को ‘फ्लिप’ से वापस बुला लिया, बल्कि खुद भी बहुत बड़ा नुकसान झेला। इसके बाद से एमसीयू की फिल्में ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं हर तरफ से कोशिशें करती रही हैं, लेकिन अपने समर्पित दर्शकों के चेहरों पर एक मुस्कान या फिर सिनेमा देखते समय उनकी तालियों की गड़गड़ाहट सुनने को इन्हें बनाने वाले भी खूब तरसे हैं। ‘स्पाइडरमैन नो व होम’ जैसे अपवाद को छोड़ दें तो मल्टीवर्स की कहानियां किसी सिरे पहुंचती नहीं दिख रही थीं। लेकिन, अब ये बातें अतीत की होने वाली हैं।

क्या है पुच्छल तारे का राज?
निर्माता केविन फाइगी की नई फिल्म का नाम है, ‘थंडरबोल्ट्स*’। ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे के नाम के आखिर में वैसा ही पुच्छलतारा जानबूझकर बनाया गया है जैसा कि आम तौर पर किसी मोहक चीज की तरफ लोगों को आकर्षित करने के बाद ‘टर्म्स एंड कंडीशन्स अप्लाइड’ जैसी बात बताने के लिए लिखा जाता है। यहां इसका मतलब है कि ये नाम जो है, वह बस काम चलाने भर को है, कहानी ये किस बारे में है ये आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा। एमसीयू की इस 36वीं में फिल्म में जाकर ये भी तय हो चला है कि अब ये दुनिया किस तरफ का रुख करने वाली है। यहां कहानी उन लूजर्स की है जो व्यक्तिगत रूप में अपनी अपनी कहानी में कुछ खास कर नहीं पाए। ये सब बस अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की निदेशक के इशारे पर ऐसे काम करते रहे जो कानून की किताबों में अपराध माने जाते हैं। निजाम बदलने के साथ ही ये निदेशक अब जांच के घेरे में है तो वह अपने पुराने पापों का सारा लेखा जोखा साफ कर देना चाहती है। इसमें ये सारे ‘लूजर्स’ भी शामिल है जिन्हें वह एक दूसरे को मारने के लिए ही अपने एक खुफिया ठिकाने पर भेज देती है।

जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें..
एक तरह से देखा जाए तो ये अपना रास्ता भटके लोगों को ऐसी कहानी है जिनको मुख्यधारा में लाने की कोई योजना तो किसी ने नहीं बनाई लेकिन इन लोगों ने अपनी अपनी कमजोरियों के साथ एक दूसरे को अपनाया और फिर हालात व चुनौतियों ने इन्हें एक टीम के रूप में काम करना सिखा दिया। एक दूसरे को मारने की बजाय जैसे ही इन सब ने एक दूसरे की ढाल बनना सीखा, इन सबके जीने के मायने ही बदल गए। अमेरिकी संसद का सदस्य बन चुके बकी बार्न्स का इनसे आ मिलना और सुपरमैन जैसा कुछ बनाने की कोशिश में एक नया शक्तिशाली इंसान बन गए बॉब का अपने सेंट्री और वॉयड दोनों रूपों में इन भटके खलनायकों को एक नई दिशा दिखाना, फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की कहानी का संपुट है। ये कहानी अकेलेपन से घबराए लोगों की है। ये कहानी परिवार की जरूरत बताने की है और ये कहानी है हर उस इंसान पर भरोसा करने की जो इंसानियत को बचाने निकला है। तरीका फिर उसका चाहे जैसा भी हो।

किरदारों का नया रिश्ता कमाल है!
मार्वल स्टूडियोज की नई फिल्म 'थंडरबोल्ट्स' का इंतजार इसके टीजर, ट्रेलर के साथ ही होता रहा है। फिल्म ‘फन्टास्टिक फोर’ से इसका क्या रिश्ता है, ये तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन एंड क्रेडिट्स के बीच आन वाले दो पोस्ट क्रेडिट सीन्स ये खुलासा कर ही देते हैं कि अब एमसीयू की कहानी में एवेंजर्स का दर्जा क्या होने वाला है? 'डॉक्टर डूम' की वापसी का इंतजार कर रहे एमसीयू के प्रशंसकों के लिए ये फिल्म ताजगी की एक ऐसी बयार बनकर आई है जिसमें लाल हल्क बन चुके अमेरिकी राष्ट्रपति वाला पिछली फिल्म ‘कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड’वाला संदर्भ छोड़कर सब कुछ नया घट रहा है। हालांकि, फिल्म के तकरीबन सारे मुख्य किरदारों की पृष्ठभूमि बीते चार पांच साल में रिलीज एमसीयू की वेब सीरीज से जुड़ती नजर आती है। लेकिन, जिस खालीपन की ये फिल्म बात करती है और जिसकी चपेट में आकर एक इंसान अपनी दुनिया की काली करता जाता है, उसके आयाम दूरगामी हैं। ये इस कहानी को एक बेहद संवेदनशील दर्शन शास्त्र की तरफ खिसकाने की कोशिश भी नजर आती है।

अब येलेना संभालेगी एवेंजर्स की कमान
मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में ‘ब्लैक विडो’ की कमी को पूरा करने के लिए उसकी छोटी बहन येलेना को लाया गया है। यहां येलेना ही कहानी का सूत्रधार है। बकी बार्न्स भी मदद करने को है लेकिन येलेना का कहानी के बाकी किरदारो के साथ साथ अपने दत्तक पिता रेड गार्डियन के साथ होने वाला संवाद भी काफी दिलचस्प और दिल खुश कर देने वाला है। देखा जाए तो ये फिल्म ‘गार्जियन्स ऑफ गैलेक्सी’ सीरीज के पूरा होने के बाद एमसीयू में अखरती रही कॉमेडी को पूरा करती फिल्म भी नजर आती है। निर्देशक जेक श्रेयर की काबिल अगुआइ में इसके मुख्य कलाकारों फ्लोरेंस प्यू, सेबेस्टियन स्टेन और डेविड हार्बर ने दर्शकों के दिल जीत लिए हैं। एलेक्सी शोस्ताकोव यानी रेड गार्डियन की भूमिका डेविड हार्बर ने इस कहानी को नया आधार दिया है, वगीं ओल्गा कुरीलेंको, हन्ना जॉन-कामेन, जूलिया लुइस-ड्रेफस, वायट रसेल और लुईस पुलमैन अपने अपने किरदारों में खूब जमे हैं।