Saturday, January 24, 2026
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भारतीय राजनीति में बड़ा फेरबदल जल्द देखने को मिल सकता है, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली
भारतीय राजनीति में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल जल्द देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस वीकेंड तक पांच राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती है। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की नई दिशा और रणनीति तय करेगा।

क्या है पूरी प्रक्रिया?
BJP के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी जरूरी है। अब तक 14 राज्यों में नए अध्यक्ष चुने जा चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में यह पद अभी खाली है। इस हफ्ते इन राज्यों के लिए नामों का ऐलान हो सकता है।

बड़े नेताओं के बीच अहम बैठकें
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। यह मंथन अगले अध्यक्ष के चयन और संगठनात्मक बदलावों की ओर इशारा करता है।

किसके नाम की हो रही है चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन नामों पर जल्द ही RSS से भी फीडबैक लिया जाएगा।

 कैबिनेट में भी हो सकता है फेरबदल
बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट में भी विस्तार और फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इसमें NDA सहयोगी दलों जैसे NCP, शिवसेना और बिहार के नेताओं को भी जगह मिल सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अध्यक्ष पद का कार्यकाल और देरी की वजह
जेपी नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे। आम तौर पर बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन चुनाव टलते रहे और नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी अब सोच-समझकर अगला चेहरा चुनना चाहती है, ताकि आगामी राज्य चुनावों और 2029 की तैयारियों के लिए रणनीति पक्की की जा सके।

 

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